विश्व बैंक क्या है | विश्व बैंक से लोन ( Loan ) कैसे मिलता है-FATF की भूमिका क्या है

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आज हम इस लेख में जानेंगे संयुक्त राष्ट्र संघ के एक स्वतंत्र संस्था के बारे में जिसका नाम है वर्ल्ड बैंक। पूरी दुनिया में लोग को उच्च धरण जीवन यापन देने के लिए , आर्थिक और सामाजिक विकास, उत्तम परिवेश बनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ कुछ स्वतंत्र संस्थाएं सहायक के लिए बनाए हुए हैं। यह संस्था में से विश्व बैंक सबसे अलग है। विश्व बैंक क्या है?  विश्व बैंक कैसे लोन देता है पूरी जानकारी हिंदी में आज जानेंगे

विश्व बैंक की जरूरत क्यों पड़ी

द्वितीय विश्वयुद्ध के कारण दुनिया में आर्थिक समस्या दिखाई देने लगी । बहुत सारे  विकासशील देशों की आर्थिक परिस्थिति नीचे गिरने लगी । चारों तरफ आर्थिक समस्या दिखाई देने लगा। विकासशील देश आर्थिक रूप से ध्वंस होने लगे थे । इन सारी समस्या को दूर करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठन बनाने की बात चलने लगी। ज्यादातर उस समय वह सारे समस्या को दूर करने के लिए तीन मुख्य कार्य करने की वात उठी वह है- वित्तीय समस्या दूर, अल्पविकसित देश के पुनर्निर्माण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार वृद्धि ।

विश्व में आर्थिक समस्या दूर करने के लिए और अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका के शहर ब्रिटेन वुड्स में साल 1944 में ब्रिटेन वुड्स सम्मेलन आयोजित हुआ था। उन सारी समस्या को दूर करने के लिए बहुत सारे अंतर्रष्ट्रीय  संगठन बनाने की बात उठाई गई उनमें से दो है आईएमएफ(IMF) और विश्व बैंक(World Bank) . इसी कारण यह दो संस्थाओं को ब्रिटेन वुड्स का जुड़वा( Bretton Woods twins)  भी कहते हैं।

विश्व बैंक क्या है ? What is World Bank

अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक(IBRD) जो एक विश्वस्तरीय वित्तीय अनुष्ठान जो समग्र विश्व में विश्व बैंक नाम पर जाना जाता है। यह एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्था है। इसका उद्देश्य है अपने सदस्य देश को आर्थिक सहायता( लोन आकार में) प्रदान करके उनको  वित्तीय सलाह देना होता है ।  विश्व बैंक हमेशा लंबे समय के लिए लोन देती है इसीलिए इसको “दीर्घकालीन ऋण ” प्रदान करने वाला संस्था कहते हैं। उदाहरण तौर पर 30 साल, 40 साल ऐसे लोन देती है ।

वर्ल्ड बैंक की स्थापना कब हुई?

अमेरिका के ब्रेटन वुड्स (Bretton wood) मे आयोजित सम्मेलन के बाद साल 1944 जुलाई महीने में विश्व में गठित हुआ था।  यह कानूनी रूप से जून 1946 मे  अपने कार्य आरंभ किया था। साल 1947 मे इस अनुष्ठान को संयुक्त राष्ट्र संघ की स्वतंत्र संस्था के रूप में मान्यता मिला था। दुनिया के प्राय सारे देश इस बैंक के सदस्य है। अभी तक इस बैंक की सदस्य संख्या है- 189 देश   .


विश्व बैंक को मुख्यतः अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण और विकास बैंक(IBRD= International Bank for Reconstruction and Development)और अंतरराष्ट्रीय विकास संघ (IDA= International Development Association) को लेकर बनाया गया है। विश्व बैंक को IBRD बोलकर भी कहा जाता है ।


इसके अलावा विश्व बैंक और भी संस्था है जिसका नाम- अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC), बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (MIGA), अंतरराष्ट्रीय वित्त समस्या समाधान केंद्र (ICSID) । इन सारी संस्था मिलने के कारण विश्व बैंक को विश्व बैंक समूह कहा जाता है। 

विश्व बैंक की संक्षिप्त जानकारी

अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संस्थाविश्व बैंक
किस सम्मेलन में गठित हुआ थाब्रेटन वुड्स
कब गठित हुआ था1944 – जुलाई
कार्य आरंभ1946
UNO से मान्यता प्राप्त1947
मुख्य कार्यालयवॉशिंगटन डी.सी.(USA)
सदस्य संख्या189
संगठन समूहIBRD, IDA, IFC,  MIGA, ICSID
बोर्ड ऑफ गवर्नर बैठकसाल में एक बार
World Bank

विश्व बैंक की संगठन प्रणाली

विश्व बैंक परिचालना परिषद (Board of Governors), कार्य निर्वाह निर्देशक मंडली (Bord of Executive Directors), और सभापति को लेकर बनाया गया है । विश्व बैंक की वास्तव क्षमता बोर्ड ऑफ गवर्नर के हाथ में होता है। बोर्ड ऑफ गवर्नर बैठक साल में एक बार बैठता है।  परिचालना परिषद 22 जन  सदस्य को लेकर कार्य निर्वाह निर्देशक मंडली को नियुक्ति करता है। इस कार्य निर्वाह मंडली में अध्यक्ष 1 साल के लिए निर्वाचित होते हैं। सभापति विश्व बैंक की मुख्य के रूप में कार्य संपादन करते हैं। सभापति गवर्नर परिषद तथा परिचालना परिषद के द्वारा नियुक्ति होते हैं। पारंपरिक रूप से विश्व बैंक के सभापति के रूप में अमेरिका के एक नागरिक होते हैं यानी कि संयुक्त राज्य अमेरिका ही इस विश्व बैंक के सभापति के रूप में कार्य करता है।

विश्व बैंक के मुख्यालय कहां है?

विश्व बैंक के मुख्यालय अमेरिका के राजधानी वाशिंगटन डी. सी. में स्थित है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी हुई यह एक स्वतंत्र संस्था है जो कई संस्थाओं का समूह है। 


विश्व बैंक के कार्य और उद्देश्य

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया में आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए विश्व बैंक बनाया गया था। इसका उद्देश्य था द्वितीय विश्वयुद्ध द्वारा क्षतिग्रस्त सदस्य देशों की पुनर्निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना। विशेष रूप से पिछड़ा हुआ और विकासशील देशों को आर्थिक अभिवृद्धि , विकास, उत्पादकता वृद्धि के लिए विश्व बैंक कम ब्याज में लोन प्रदान करना है। 


वर्तमान में विश्व बैंक विकासशील देशों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा की उन्नति, सामाजिक विकास, कृषि की उन्नति, ग्रामीण विकास, लिंग भेदभाव दूर, रास्ता घाट की उन्नति, बिजली उत्पादन, परिवेश उन्नति, खाद्य सुरक्षा, गरीबी हटाना  आदि कार्य के लिए आर्थिक सहायता और तालीम देते आ रहा है। साल 1980 से तृतीय विश्वा की स्ट्रक्चरल एडजेस्टमेंट प्रोग्राम के लिए विश्व बैंक आर्थिक सहायता  है।


विश्व बैंक से लोन कैसे मिलता है।


वर्ल्ड बैंक अपने सदस्य देशों को मुख्य रूप से कहा जाए तो पृथ्वी के प्रय सारे देशों को लोन देता है। वर्ल्ड बैंक से लोन लाने वाले देशों को निर्दिष्ट समझौते के अनुसार वर्ल्ड बैंक लोन देता है। समझौता के नियम के अनुसार लोन भुगतान को बैंक गुरुत्व देता है। विश्व बैंक से लोन लेने वाले देश अन्य किसी भी स्रोत से सरल शर्त तथा सरल उपाय में लोन नहीं लाए बोलकर प्रतिष्रुति देना पड़ता है। 

लोन देने से पहले विश्व बैंक लोन लेने वाले देशों की आर्थिक स्थिति को विचार में लेता है। विश्व बैंक का काम ही है विकासशील देशों को तथा दुनिया की किसी भी देश को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करना । दुनिया के पुनर्गठन के लिए विश्व बैंक काम इंटरेस्ट में लोन दे देता है ।

विश्व बैंक से लोन लेने वाले देश समझौता के अनुसार उसके विनियोग करने के लिए मजबूर होते हैं। यानी कि जो काम में लाए थे उसी काम में लगाना पड़ेगा। इससे पता चलता है की विश्व बैंक केवल लोन नहीं देता बल्कि एक लिखित प्रतिष्रुति देने वाला व्यक्ति ( Guarantor) के हिसाब से काम करता है। जो भी परियोजना के लिए बैंक लोन देता है उसकी अग्रगति को विश्व बैंक समीक्षा और मूल्यांकन करता है यानी कि जो काम में लाए थे वह काम हुआ कि नहीं बोलकर जांच करता है।

साधारण बैंक तथा संस्था किसी भी देश को कुछ साल के लिए लोन देता है लेकिन विश्व बैंक की क्षेत्र में यह नहीं होता। विश्व बैंक हमेशा दीर्घकालीन लोन प्रदान करता है अर्थात लंबे समय के लिए ही लोन देता है जैसे कि 10 साल 30 साल 40 साल ऐसे लोन देता है। जो लंबे समय के लिए और कोई बैंक लोन नहीं देता।


कोई भी संस्था  या  देश  झट से तो लोन  नहीं देगी उस देश के बारे में जाँच करेगी । वह देश अच्छा है कि बुरा, पैसा लेगा तो सही काम में लगाएगा कि नहीं, इन सारी चीजों के बारे में जांच करते हैं। जांच के लिए भी एक संस्था है FATF ( Financial Action Task Force ). विश्व बैंक भी  इस संस्था का सहायता लेता है लोन लेने वाले देशों को जाँच करने में। अभी सवाल उठता है FATF क्या है? विश्व बैंक में एफएटीएफ  की क्या भूमिका है?


G7 = Group of Seven – कनाडा, इटली, UK, फ्रांस, जापान,  अमेरिका, जर्मनी इन 7 देशों को G7 कहा जाता है जो दुनिया की सबसे तेज इकोनामी माना जाता है। यह देश मिलकर एक संस्थान बनाएं है जिसका नाम  है – FATF .

यह संस्था 3 प्रकार की लिस्ट जारी करता है ग्रीन लिस्ट- इस लिस्ट में रहने बाले देशों को कोई समस्या नहीं होगा लोन लेने में। ग्रे लिस्ट- में थोड़ा समस्या आती है और ब्लैक लिस्ट मे रहने वाले देशों को लोन नहीं मिलता। यह सब आर्थिक दृष्टिकोण से है। यह संस्था डिसाइड करती है कि कौन देश को लोन मिलेगा या नहीं मिलेगा। सेवा संस्था देशों के ऊपर आर्थिक रूप से नजर रखने का काम करती है । मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग जैसी गतिविधियों को रोकना ।

आप जैसे मान के चलिए आपको किसी को लोन देते हैं , कोई आए आपसे लोन मांगने तो आप झट से तो loan नहीं दे देंगे किसी से पूछेंगे ना यह व्यक्ति  कैसा है लोन लेगा तो वापस करेगा कि नहीं, यह सब जानकारी पूछ लेते हैं। यही काम करता है FATF .

FATF  कहता है कि – ग्रीन लिस्ट में जो देश है उसे आराम रे कोई भी संस्था लोन दे सकता है वह देश लौटा सकते हैं उनमें कोई दिक्कत नहीं है। ग्रेलिस्ट देशों के बारे में FATF कहता है उसे मत दो भाई वह गलत आदमी है- पैसा लेगा तो अटका देगा ,मनी लांड्रिंग करता है या  आतंकवाद को बढ़ावा देता है। और ब्लैक लिस्ट  में रहने वाले देशों को लोन नहीं मिलता- उदाहरण के रूप में नॉर्थ कोरिया जैसे देश को नहीं देते।

विश्व बैंक भी यह संस्था की बात मानकर अपना काम करता है यह नहीं कि इस संस्था के ऊपर पूरा डिपेंड है कुछ हद तक लोन लेने वाले देशों के बारे में जानकारी जुटाने में काफी सहायता लेता है। ज्यादातर किसी भी संस्था लोन देने से पहले FATF की सहा जाता लेता है।


साधारण रूप से विश्व बैंक निम्नलिखित काम संपादन करता है- 

  • उत्पादन दर वृद्धि के लिए विश्व बैंक कम ब्याज मे लोन देता है।
  • विश्व बैंक कृषि और ग्रामीण विकास, शक्ति, शिक्षा, स्वास्थ, परिवार कल्याण, रास्ता, रेलवे जोगाजोग, बंदरगाह एवं बिजली की उत्पत्ति के लिए लोन देता है।
  • विश्व बैंक लोन देने से पहले लोन लेने वाला देश के साथ कुछ समझौता करता है फिर उसे लोन देता है। समझौता के अनुसार लोन को निपटाने में विश्व बैंक गुरुत्व देता है।
  • विश्व बैंक केवल लोन नहीं देता बरम प्रतिष्रुति दाता व्यक्ति के रूप में काम करता है।
  • देश की प्रस्तावित परियोजनाओं,  वरिष्ठ उन्नयन अधिकारी को तालीम देने में विश्व बैंक सहायता प्रदान करता है।

विश्व बैंक अंतर्राष्ट्रीय पुनर्गठन और विकास बैंक एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संगठन जोगी विश्व के विभिन्न देशों को उत्पादन वृद्धि के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार करने  की क्षेत्र में इसकी बलिष्ठ योगदान रहा है।


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