UNO क्या है | United Nations Organization

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निम्नलिखित लेख में जानेंगे कि संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है? संयुक्त राष्ट्र संघ के कितने अंग है? इसके अलावा उसकी स्थापना कब हुई थी? किस लिए हुआ था? उसका मुख्य कार्यालय कहां है? संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में सारी जानकारी यहां जानेंगे।

UNO- United Nations Organization 

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । आदिमकाल से पृथ्वी पर जिंदा रहने के लिए मनुष्य संघर्ष करते आ रहा है। समय के साथ साथ मानव समाज में खून खराबी संघर्ष जैसे कि देश- देश के बीच में महा विश्वयुद्ध , जिसमें बहुत धन जीवन की क्षति घटी है। बढ़ते समय युद्ध की भयानक अवस्था मनुष्य की मन में लाई है आतंक , दुख और दुख की भयानक अवस्था। सन 1914 और 1939 की समय में धरती की छाती पर जो दो,दो महा विश्वयुद्ध खड़ा हुआ था, उसके भयानक परिणति आज विश्वा जनता को आतंकित कर के रखा है।


लीग ऑफ नेशन क्या था?

सन 1914 -1918) प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद विश्व शांति प्रतिष्ठा के लिए “लीग ऑफ नेशन” नामक एक संघ प्रतिष्ठा किया गया था। कुछ कारण के बजे से है यह संस्था स्थाई होकर रह नहीं पाया।प्रथम विश्व युद्ध के बाद हिंसा और युद्ध को रोकने के लिए लीग ऑफ नेशन नामक एक संस्था बनाया गया था। लेकिन इस संस्था का विभिन्न कारण से असफल होने से दुनिया में द्वितीय विश्वयुद्ध संगठित हो गया था जिससे लीग ऑफ नेशंस रोक नहीं पाया। 

संयुक्त राष्ट्र संघ की जरूरत क्यों पड़ी?

लीग ऑफ नेशन की कुछ गलती कुछ दोष को दूर करके देश देश के बीच में सहयोग, भाईचारा बनाने के लिए लीग ऑफ नेशन भांग रूप से जन्म लिया संयुक्त राष्ट्र संघ।


द्वितीय युद्ध के कारण हुए रक्तपात, नुकसान और तबाही ने मानव मन में पश्चाताप पैदा कर दिया है  । देश देश के बीच में तथा मनुष्य के अंदर स्नेह, शांति, प्यार पाने की आस बढ़ रही है। इसलिए समग्र विश्व को एकत्र करके दुनिया में शांति प्रतिष्ठा के लिए सृष्टि हुआ है संयुक्त राष्ट्र संघ(UNO)। दुनिया में  तृतीय विश्वयुद्ध तथा कोई भी युद्ध को रोक के आपसी सहयोग से दुनिया में शांति प्रतिष्ठा करना संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य काम है। इसलिए यूनाइटेड नेशन ऑर्गेनाइजेशन को द्वितीय विश्वयुद्ध का संतान  कहते हैं। 

संयुक्त राष्ट्र संघ की प्रतिष्ठा ।

 बहता समय के साथ साथ year 1939 से 1945 के बीच  सशस्त्र विश्वव्यापी संघर्ष हुआ था, जिससे हम द्वितीय विश्वयुद्ध कहते हैं। इस युद्ध की भयानक अवस्था पहले विश्व युद्ध से भी अधिक भयानक था।
जापान के हिरोशिमा और नागासाकी के शहर मैं गीरी परमाणु बम की भयानक तबाही पृथ्वी की जन समाज को हताश और नाराज कर दिया था।  भविष्यत में परमाणु युद्ध हुआ तो उसकी भयानक तबाही से पृथ्वी को रक्षा करना बहुत ही कठिन हो जाएगा।

इस परमाणु हमले से कुछ विचारशील जननायक और विकसित देश की मनोभाव में परिवर्तन हुआ था । वह लोग युद्ध खोर मनोभाव को त्याग कर विश्व शांति प्रतिष्ठा के लिए आगे आए थे। पृथ्वी को यह घोर विपत्ति से उद्धार करने के साथ-साथ समस्त राष्ट्रनेता की सहयोग प्राप्ति के लिए गठन हुआ संयुक्त राष्ट्र संघ ।


Year 1945 jun 27 तारीख मे अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को मे 50 देशों की प्रतिनिधि मिलकर उनकी दस्तखत से संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकार पत्र( संविधान) पहले पारित हुआ था । इसके बाद  अमेरिका में 1945 अक्टूबर 24 को संयुक्त राष्ट्र संघ  प्रतिष्ठा हुआ था। इसका मुख्य कार्यालय अमेरिका की न्यूयॉर्क शहर में है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की संविधान ( UN Character)

सन फ्रांसिस्को सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकार पत्र संपूर्ण रुप से हस्ताक्षर किया गया था। इस UN की संविधान के अंदर कुल  11,000 शब्द लिखी गई है। इसमें टोटल 111 धारा है। संयुक्त राष्ट्र संघ की संविधान 5 सरकारी भाषा (5- official Language) में लिखी गई है। बह सारे हैं फारसी, अंग्रेजी स्पेनिश, रूस और चीन । यहां बोली जाने वाली अधिकारी भाषा है – इंग्लिश, फ्रेंच, स्पेनिश, अरबी, रशियन, चाइनीस( चाइनीस  मैंडरिन भाषा से जाना जाता हैं)

संयुक्त राष्ट्र संघ की लक्ष्य और उद्देश्य – (Aims and Objectives of UNO)

संयुक्त राष्ट्र के मुख्य उद्देश उसकी अधिकार पत्र में लिखा गया है। धरती से युद्ध कि भैय निवारण करने के लिए विश्व मानव मन में शांति बनाए रखने की लक्ष्य से संयुक्त राष्ट्र की आविर्भाव हुआ है। विश्व शांति प्रतिष्ठान और सुरक्षा बनाए रखना इसका पहला लक्ष्य। अलग-अलग राष्ट्रों के बीच में बंधुता स्थापन , पृथ्वी से गरीबी रोग और निरक्षरता दूर करने के लिए सम्मिलित उद्यम और मानव अधिकारी तथा स्वाधीनता को लेकर प्रोत्साहित करना ही संयुक्त राष्ट्र संघ की मूल लक्ष्य और उद्देश्य। चलिए Point by point देखेंगे- 


(1)    अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना और उसके लिए संयुक्त रूप से शांति प्रति खतरा के विरोध में व्यवस्था करना। शांति भंग और आक्रमण प्रति प्रतिरोध करना। 

(2)    मूल मानवीय के अधिकार और मानव मर्यादा संबंध करना एवं भेदभाव, नारी -पुरुष तथा छोटे-बड़े राष्ट्रों के बीच में समान अधिकार बनाए रखना। 

(3)    आपसी सहयोग से विभिन्न  देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास साधन करना . 

(4)   शांतिपूर्ण रूप से न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय विवाद को समाधान करना। 

(5)   अच्छे पड़ोसी की हिसाब से प्रत्येक राष्ट्र के बीच में सहनशीलता और शांति मनोभाव बढ़ाना। 

(6)     सामाजिक विकास और अच्छे जीवन के लिए प्रयास करना। 

(7)     अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए समस्त देश एक होकर प्रयास करना।


संयुक्त राष्ट्र संघ की मौलिक नीति क्या है?


संयुक्त राष्ट्र संघ अपने अधिकार पत्र की धारा 2 के अनुसार संयुक्त राष्ट्र संघ की कुछ निधि लिखी गई है जो  नीचे लिखी गई है। यह नीति व नियम के अनुसार संयुक्त राष्ट्र अपना कार्य संपादन करता है


(1)  संयुक्त राष्ट्र संघ अपने सदस्य देशों को समान गुरुत्व देगा।


(2)  प्रत्येक सदस्य देश  निष्ठा पूर्वक संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकार पत्र नीति की पालन करेंगे।


(3) प्रत्येक सदस्य देश शांति पूर्ण रुप से अंतर्राष्ट्रीय विवाद को समाधान करेंगे।


(4) किसी भी सदस्य देश की निजी समस्या के ऊपर हस्तक्षेप नहीं करेगा ।

संयुक्त राष्ट्र संघ की अंग/ परिषद ।(Structure of UNO)

संयुक्त राष्ट्र संघ को चलाने के लिए मुख्य रूप से 6 विभाग है । और भी है लेकिन निम्नलिखित यह छे मुख्य विभाग है।


• महासभा (साधारण परिषद):General Assembly:       


साधारण परिषद में संयुक्त राष्ट्र की समस्त सदस्य राष्ट्र की सदस्यता होती है। इसका अधिवेशन वर्ष में कम से कम एक बार अवश्य बुलाया जाता है। यह अधिवेशन मुख्यतः प्रत्येक वर्ष सितंबर के महीने में होता है। इसको विश्व की नगरसभा ( The town meeting of the world) बोल कर भी कहा जाता है। विश्व राजनीतिक के बारे में जुड़ा हुआ विषय के बारे में आलोचना किया जाता है। वर्तमान यहां का सदस्य संख्या 193 मैं सीमित है। इस सभा में प्रत्येक देश 5 लोग तक सदस्य भेज सकते हैं। लेकिन प्रत्येक देश के पास एक ही वोट देने की क्षमता है।


• सुरक्षा परिषद (Security council)


यहां परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ की सबसे शक्तिशाली और गुरुत्व पूर्णा परिषद है। इसमें सदस्य की संख्या 15 होती है। इसके 5 स्थाई सदस्य है – अमेरिका, ब्रिटेन ,फ्रांस ,रूस और चीन । जब तक सुरक्षा परिषद की अवस्थित है तब तक इन पांचो देश की सदस्यता बनी रहेगी। सुरक्षा परिषद की 10 अस्थाई सदस्य भी होते हैं, इनकी नियुक्ति साधारण परिषद के द्वारा होती है जिसे साधारण परिषद 2 सालों के लिए चुना जाता है। सुरक्षा परिषद की समस्त स्थाई सदस्य के पास VETO  power होता है जिससे कोई भी स्थाई सदस्य देश किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को  VETO करके वह विषय  को खारिज कर सकते है। सुरक्षा परिषद अंतर्राष्ट्रीय शांति बनाए रखने की काम करती है।

• आर्थिक और सामाजिक परिषद  (Economic and social council):


आर्थिक और सामाजिक परिषद में 54 सदस्य हैं। इसकी बैठक साल में दो बार होती है। बैठक- अप्रैल में न्यूयॉर्क एवं जुलाई में जेनेवा। आर्थिक सामाजिक शिक्षा कथा स्वास्थ्य से संबंधित समस्या का रिपोर्ट बनाकर महासभा तथा अन्य एजेंसी को भेजती है। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्वतंत्र एजेंसी इसके अंदर काम करते हैं ।

• अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International  Court of Justice):


इसकी स्थापना  3 अप्रैल 1946 को नीदरलैंड में किया गया था । इसकी न्यायाधीश की संख्या 15 होते हैं। इनकी कार्यकाल 9 साल होती है। इस सभा में 22 सदस्य होते हैं जो साधारण परिषद और सुरक्षा परिषद से निर्वाचित होकर आते हैं। इसका मुख्य न्यायालय   हेग (नीदरलैंड) मैं है । अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के द्वारा राष्ट्र-राष्ट्र के बीच में होने वाला वाद विवाद एवं न्याय अन्याय को आईन अनुसार विचार किया जाता है।

• न्यास परिषद (Trusteeship  council):


इस परिषद के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र का उन राष्ट्रों के प्रशासन और सुरक्षा से संबंधित दायित्व निहित होता है जो विश्व युद्ध के पश्चात भी स्वतंत्र हो नहीं पाई। बोले तो आ विकसित देशों की सहायता करना। ऑस्ट्रेलिया की न्यू गोवा बेल्जियम की रांडो और बुरुंडी और फ्रांस की कमरे आदि राज्यों की शासन इस परिषद के हाथ में है।

• सचिवालय (Secretariat):


यह संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रशासनिक अंग है। संयुक्त राष्ट्र संघ की काम करने के लिए यह  एक सचिवालय है। यानी कि यहां UN का Office  है। इसमें संयुक्त राष्ट्र संघ की दैनिक कार्य परिचालित होता है। इस परिषद का मुख्य महासचिव(Secretary General) होते हैं। वह संयुक्त राष्ट्र संघ की मुख्य पदाधिकारी। वह सुरक्षा परिषद के सुपारी से साधारण सभा द्वारा 5 साल के लिए निर्वाचित होकर आते हैं। सचिवालय के अधीन में जेनेवा, वियना और नैरोबी में इसकी शाखा कार्यालय है।

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्वतंत्र संस्थाएं

इसके अलावा विश्वकल्याण के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की और भी एजेंसी है। उनमें से विश्व बैंक (World Bank), विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO), खाद्य और कृषि संगठन, अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन आदि है ।


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