थॉमस हाब्स का जीवन परिचय | Thomas Hobbes Biography in Hindi | Books

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स्वागत है दोस्तों आप सभी का, आज हम जानेंगे Biography of Thomas Hobbes in Hindi के बारे में। हाब्स,  लॉक, रूसो को प्रमुख समझौता वादी दार्शनिक माना जाता है। लेकिन हाब्स इनमें से सबसे पहलेे आपकेहैं। आज इस लेख में थॉमस हाब्स के जीवन परिचय के बारे में जानेंगे। 

थॉमस हाब्स की जीवन परिचय

थॉमस हाब्स  इंग्लिश दार्शनिक है जो 5 अप्रैल 1588 को इंग्लैंड के दक्षिण तट पर स्थित Maimsbary नामक शहर में एक पादरी  के घर जन्म हुआ थे। उस समय इंग्लैंड में ग्रह युद्ध के कारण चारों तरह भय के वातावरण दिखाई दे रहा था। 

थॉमस हाब्स अपने जन्म होने से यह कहा।

अपने जन्म समय के वातावरण को देखकर थॉमस हाब्स ने कहा है कि “my mother gave birth to twins-myself and fear”  इसका अर्थ यह है कि गृह युद्ध के समय मेरी मां ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है एक मैं और दूसरा है भय । उस समय ब्रिटेन में बहुत भयंकर परिस्थिति थी, चारों तरफ भय एवं आतंक का वातावरण दिखाई दे रहा था।

थॉमस हाब्स का शिक्षा जीवन

थॉमस हाब्स के पिता को अपनी आत्म सुरक्षा के लिए इंग्लैंड छोड़कर भागना पड़ा था इसीलिए बचपन में हाब्स को उनके चाचा ने ही पालन पोषण किया था। जब वह 4 साल के थे उन्हें Westport स्कूल भेज दिया गया था ।


थॉमस हाब्स काफी इंटेलिजेंट थे. पढ़ने लिखने में और सोचने समझने की विलक्षण योग्यता बचपन से ही दिखाई देती थी । 6 वर्ष की उम्र में वह ग्रीक तथा  लैटिन भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिए थे। अपने समय के परिस्थिति को देखकर वह काफी डरपोक भी थे। वह भय  को अपना जुड़वा भाई मानते हैं। थॉमस हाब्स 14 साल की अवस्था में ही उसने यूरीपीडीज के मीडिया नाटक को अनुवाद किया , जो यूनानी भाषा में था उसे लैटिन में अनुवाद किया था।


1603 ई. में थॉमस हाब्स इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अपना नाम लिखवा और 1608 में वह अपनी BA की डिग्री हासिल की थी । उस समय उनको केवल 20 वर्ष हो रहा था। अपने खाली समय में उन्होंने नक्शों का अध्ययन करने में रुचि विकसित की थी ।


थॉमस हाब्स एक पादरी के पुत्र थे इसलिए बाइबल की ज्ञान उनको काफी थी फिर भी वह धर्म प्रति उनका लगाव आरंभ में से ही कम था । उनके विचार में वैज्ञानिक पद्धति दिखाई देता है। उनका दृष्टिकोण वैज्ञानिक की तरह था। वह विज्ञान को मानते थे इसलिए धर्म प्रति उनके लगाव इतनी ज्यादा नहीं था एक पादरी के घर जन्मे होते हुए भी।

थॉमस हाब्स प्रारंभिक  कार्य

हाब्स के परिवार का संबंध राज परिवार से था इसलिए थॉमस हाब्स अपनी पढ़ाई के बाद वहां का राजा के बच्चों को एक ट्यूटर(tutor) के रूप में ट्यूशन (Tution)  पढ़ाने लगा.  उनका एक शिष्य था William Cavendish . 


विलियम  के माध्यम से उन्होंने सत्ता और सरकार के प्रभाव और संरचनाओं का निरीक्षण करना शुरू किया। इसके अलावा, युवा विलियम कैवेन्डिश संसद के सदस्य (1614 और 1621) थे, और हॉब्स विभिन्न संसदीय सभा में बैठते थे।


कई समय तक हॉब्स ने राज परिवार और उनके सहयोगियों को अनुवादक, यात्रा साथी, अकाउंट कीपर , व्यापार प्रतिनिधि, राजनीतिक सलाहकार और वैज्ञानिक सहयोगी के रूप में सेवा दी।   William Cavendish के साथ थॉमस हाब्स यूरोप यात्रा किए थे । 1610 में, हॉब्स ने विलियम के साथ फ्रांस, इटली और जर्मनी यात्रा किए थे जहाँ वह उस समय के अन्य प्रमुख विद्वानों जैसे फ्रांसिस बेकन और बेन जोंसन से मिले थे। 


1628 में हॉब्स के शिष्य की मृत्यु हो गई, और हॉब्स को हमेशा  विभिन्न धनी और कुलीन परिवारों के लिए काम करते हुए छोड़ दिया गया , हॉब्स ने बाद में विलियम कैवेंडिश के चचेरे भाई मार्क्वेस ऑफ न्यूकैसल-ऑन-टाइन के लिए काम किया।

Thomas Hobbes  अपने जीवन काल में बहुत ज्यादा घूमे हैं। 1629 से 1631 में वह फिर से यूरोप यात्रा किए थे इस यात्रा के दौरान वह काफी ज्ञान अर्जित किए थे।   हाब्स ने  गणित, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र आदि का गहन अध्ययन किया है। 

थॉमस हाब्स अपने दूसरी यात्रा से लौटने के बाद इंग्लैंड में गृहयुद्ध फिर से शुरू हो गया था । राज पक्ष( राजतंत्र)  एवं प्रजा पक्ष (संसद) बीच में यह युद्ध चल रहा था जिनमें प्रजा पक्ष को विजय विला था।  राजतंत्र सपक्स में रहे लोगों को एक-एक करके जेल में डाल दिया जा रहा था इसलिए   हाब्स को भी डर लगने लगा क्योंकि वह भी राजतंत्र के सपक्ष में थे । इस कारण से वह इंग्लैंड छोड़कर फ्रांस भाग गए थे ।

थॉमस हाब्स अपनी 11 वर्ष पेरिस में ही विदाई। इसी वर्ष वह पेरिस आए हुए युवराज चार्ल्स द्वितीय को पढ़ाने लगे। वह अपने रोजगार के लिए शिक्षा को ही एक स्रोत के माध्यम में चुना था।

थॉमस हाब्स के अंतिम जीवन

1651 में इंग्लैंड लौटने के बाद, हॉब्स ने लिखना जारी रखा। डी कॉर्पोर 1655 में प्रकाशित हुआ था, और डी होमिन 1658 में प्रकाशित हुआ था, एलिमेंट्स ऑफ फिलॉसफी त्रयी को पूरा करते हुए। अपने बाद के वर्षों में, हॉब्स ने अपना ध्यान लड़कपन के पसंदीदा – क्लासिक्स – होमर के द ओडिसी और द इलियड के अनुवादों को प्रकाशित करने की ओर लगाया। हॉब्स की मृत्यु 4 दिसम्बर, 1679 ई.  ।

आप अपने पहले के दार्शनिकों के द्वारा विशेष रूप से प्रभावित हुए थे। प्लेटो से सोशल कॉन्ट्रैक्ट थ्योरी के बारे में कुछ जानकारी हासिल किए थे और मेकियावेली से मनुष्य की प्रकृति के बारे में कुछ सूचना पाए थे। इसलिए Wayper हाब्स के दर्शन को मौलिक दर्शन बोलकर व्याख्या नहीं किए। अपनी राजनीतिक विचारों में थॉमस हाब्स वैज्ञानिक पद्धति प्रयोग किए हैं। 

थॉमस हाब्स के प्रमुख पुस्तकें

1.  De  Cive – (संप्रभुता का परिभाषा दी गई है ) – 1642 A.D.


2. De  Corpore – ( प्रकृति/जनता को संप्रभुता की विरोध क्यों नहीं करना चाहिए यह बताया गया है) – 1655 A.D.


3. Leviathan -( 1651 में पुस्तक पब्लिश किया गया था यहां निरंकुश वादी राजतंत्र का समर्थन की व्याख्या की गई है) – 1651 A.D.


4. The Elments of Law -( कहां विधि की व्याख्या एवं प्रकार का आलोचना किया गया है) – 1650 A.D.


5. ए डायलॉग ऑन द सिविल वर –( ब्रिटेन की को युद्ध पर आलोचना किया गया है )

6. De Homine – 1659 A.D.

7. Thucydides – 1628 A.D.

अंतिम कुछ शब्द

आशा करता हूं कि आपको यह लेख मे जरूरत की जानकारी मिली होगी। यदि आप थॉमस हाब्स के बारे में और अधिक कुछ जानते हैं तो कृपया करके कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा. आपकी दी गई विचारों को हम सम्मान पूर्वक कमेंट सेक्शन में स्वागत करते हैं

थॉमस हाब्स का जन्म कब हुआ था?

15 April 1588 को इंग्लैंड के दक्षिण तट पर स्थित Maimsbary नामक शहर में एक पादरी  के घर जन्म हुआ था

थॉमस हाब्स के लिखेें पुस्तक का नाम क्याा है

थॉमस हाब्स अपने जीवन काल में बहुत सारी पुस्तक लिखे हैं। उनमें से एक हैै Leviathan . जहां वह राष्ट्र की उत्पत्ति के बारेे में अपनी सामाजिक समझौता का विवरण दिए हैं।
1. De  Cive
2. De  Corpore 
3. De Homine
4. The Elments of Law

थॉमस हाब्स की मृत्यु कब हुई थी

हॉब्स की मृत्यु 4 दिसम्बर, 1679 में हुआ था।

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