थॉमस हाब्स के सामाजिक समझौता सिद्धांत | Social Contract Theory by Thomas Hobbes in hindi

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थॉमस हाब्स के बारे में कुछ बातें 

इंग्लैंड के दार्शनिक Thomas Hobbes  की जन्म समय (born April 5, 1588, Westport, Wiltshire, England—died December 4, 1679, Hardwick Hall, Derbyshire) में इंग्लैंड में गृह युद्ध चल रहा था। इसलिए Hobbes यह कहे है की “मेरी मां एक समय में दो जुड़वा को जन्म दिए थे एक हूं मैं दूसरा भय (My mother gave birth to twins-myself and fear)” ।  Hobbes राजतंत्र को दृढ़ समर्थन करते थे । 

इंग्लैंड में गृह युद्ध Thomas Hobbes की राजनीतिक दर्शन को विशेष रूप से प्रभावित किया था। उन्होंने अपने समय में काफी हिंसा देखे थे । इसलिए वह मनुष्य की प्रकृति और प्राकृतिक अवस्था के बारे में नकारात्मक राय दिए है।

थॉमस हाब्स के प्राकृतिक अवस्था और सामाजिक समझौता सिद्धांत:

Thomas Hobbes उनके पहले की दार्शनिकों के द्वारा विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। Plato से सामाजिक समझौता सिद्धांत और मैकियावेली से मनुष्य प्रकृति की विषय में जानकारी हासिल किए थे। 


सारे राजनीतिक दर्शन के आरंभ और शेष मनुष्य से ही होती है। इस तरह ना होने से इस दर्शन को दर्शन बोलकर कहा नहीं जा सकता। हर दार्शनिक के मन में एक ही सवाल उठता है  ” मानव कौन, राष्ट्र क्या हैमनुष्य क्यों राष्ट्र के लिए निष्ठावान है” । राष्ट्र व्यक्ति विशेष को लेकर संगठित हुआ है इसलिए सभी दार्शनिक अपनी राष्ट्र संबंधी सिद्धांत को मनुष्य से ही आरंभ करते हैं।

थॉमस हाब्स के प्राकृतिक अवस्था कैसा था ? (state of Nature of Thomas Hobbes)

मनुष्य प्रकृति के बाद हाब्स ने प्रकृति अवस्था के बारे में उल्लेख किए हैं। प्राकृतिक अवस्था, राष्ट्र और समाज की पहले के अवस्था को  बोलते हैं । एरिस्टोटल और उनके बाद के दार्शनिक तथा मध्य युग दार्शनिकों के विचार के अनुसार मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। लेकिन इस बात को हॉबस खंडन करते हैं। उनके अनुसार मनुष्य सामाजिक नहीं बरम असामाजिक है।


Hobbes के अनुसार सारे मनुष्य समान है। किसी की शारीरिक शक्ति अधिक होता है तो किसी की मानसिक शक्ति अधिक होती है। लेकिन ज्यादातर हमेशा सभी समान होते हैं। एक व्यक्ति और किसी  से दुर्बल हो सकता है लेकिन खुद की बुद्धि से या वे अन्य लोगों के साथ मिलकर एक बलशाली की आक्रमण को रोक सकते हैं । Hobbes के अनुसार मनुष्य के तीन प्रवृत्ति के लिए वह अन्य लोगों के साथ झगड़ा करता है।


1. मनुष्य की इच्छा या  कामना:- मनुष्य कामना के अधीन है। उसकी इच्छा या कामना की कोई अंत नहीं है। कोई भी नए चीज को देखता है तो मनुष्य की मन में उसको पाने की इच्छा या कामना सृष्टि होता है। एक इच्छा पा लेता है तो दूसरे इच्छा की कामना करता है। इसलिए मनुष्य सर्वदा कामना और क्षमता की अधीन होता है। यह मनुष्य के बीच मे झगड़ा सृष्टि कर्ता है। इस तरह अन्य लोगों की हासिल की गई चीज को भी हासिल करने की प्रयास में हिंसात्मक कार्य करने केेे लिए भी पीछे नहीं हटता।


2अधिकार जाहिर:- मनुष्य अपने चीज के ऊपर अधिकार जाहिर करता है,  उसके लिए वह सर्वदा उद्यम करता रहता है। जिसके कारण वह अन्य लोगों को अपने अधिकार जहीर द्रव्य को हासिल करने के लिए मना करताा है


3. क्षमता और प्रसिद्धि:- तीन नंबर कारण यह है कि  मनुष्य क्षमता और प्रसिद्धि को चाहता है। Hobbes के अनुसार “प्रत्येक मनुष्य के अंदर क्षमता पाने का किच्छा होता है एवं वह इच्छा केवल मृत्यु के बाद ही समाप्त होता है।” 


क्षमता वृद्धि के लिए मनुष्य हर समय प्रयास करता रहता है। इसलिए यह प्रयास उसको स्वार्थी बना देता है। Thomas के अनुसार  प्राकृतिक राज्य तथा प्राकृतिक अवस्था में कोई भी समाज नहीं था, ना कोई कानून , ना कानून बनाने वाला संस्था। इसलिए मनुष्य कि जीवन था अकेला, बुरा, गरीबी, क्रूर और जानवर जैसी छोटी जीवन ।


प्राकृतिक अवस्था पूर्व सामाजिक(pre-social) एवं पूर्व राजनीति(pre-political) था। मनुष्य जानवर जैसी जीवन यापन करता था। प्राकृतिक अवस्था में might is right नीति चलता था। जो जिसको अपना समझते थे अर उसको जोर जबरदस्त करके ले जाते थे। बलशाली लोग दुर्बल लोगों को अत्याचार और शोषण करके अपनी शक्ति बल से उनको गुलाम बनाकर रखते थे।


बलशाली लोग दुर्बल लोगों को अत्याचार और शोषण करते थे। दुर्बल व्यक्ति भी अन्य लोगों के साथ मिलकर गुप्त रूप से बलशाली लोगों की आक्रमण प्रतिहत करते थे। राष्ट्र नहीं था, कानून नहीं था, कानून बनाने वाला संस्था नहीं था, फल स्वरूप हत्या, बल प्रयोग और हिंसा चला आ रहा था। मनुष्य मनुष्य के बीच में युद्ध चल रहा था। जिसके फलस्वरूप मनुष्य की जीवन, धन और संपत्ति खतरा से परिपूर्ण था। इसीलिए प्राकृतिक राज्य के खतरे से परिपूर्ण अवस्था से मुक्त होने के लिए मनुष्य परस्पर के बीच में एक समझौता साक्षर किए जिसके फलस्वरूप एक सभ्य समाज सृष्टि हुआ था।

थॉमस हाब्स के सामाजिक समझौता सिद्धांत – Social Contract Theory  OF Thomas Hobbes  In Hindi .

प्रकृति राज्य  (प्राकृतिक स्थिति मे) की समस्याओं को दूर करने के लिए मनुष्य अन्य के साथ मिलकर यह सामाजिक समझौता साक्षर किया है। इस समझौता से एक सभ्य समाज( Civil Society) निर्माण हुआ और यह एक सर्वशक्तिमान प्राधिकारी – “लेवियाथन”( Leviathan) के नियंत्रण मैं रहा। इस समझौता में मनुष्य अपने सारे प्राकृतिक अधिकार को लेवियाथन की निकट में समर्पण कर दिया। सर्वशक्तिमान लेवियाथन इस समझौता के पक्षपात नहीं है। समझौता में साक्षर करके  खुद के अधिकारों को मनुष्य सर्वशक्तिमान प्राधिकारी के निकट में यह शर्त पर समर्पण यह है की अन्य सब लोग भी अपने अधिकारों को सर्वशक्तिमान के पास समर्पण करेंगे। प्रत्येक लोग इस समय यह घोषणा किए थे की “मैं मेरी खुद की शासन करने की अधिकार को इस समझौता के माध्यम से इस व्यक्ति या गोष्टी कि हाथ में इस शर्त पर और समर्पण करता हूं कि  तुम भी इस तरह से अपने अधिकारों को समर्पण करो”
(I authorize and give up my rights of  Governing myself to this man Or to this assembly of men On the condition that you give your right To him And authorize all this action in the right manner.)


इस प्रकार से मनुष्य अपने अधिकारों को सर्वशक्तिमान प्राधिकारी के पास समर्पण किये। सर्वशक्तिमान प्राधिकारी शासक या राजा हुआ तो व्यक्ति विशेष उनके प्रजा । सर्वशक्तिमान प्राधिकारी मनुष्य की धन संपत्ति का जीवन आदि को सुरक्षित रखते हैं। सर्वशक्तिमान प्राधिकारी alllimited power का अधिकारी होते है । क्योंकि मनुष्य अपनी शासन करने की सारे अधिकार सर्वशक्तिमान के ऊपर सौंप  दिए हैं । सर्वशक्तिमान प्राधिकारी इस सामाजिक अनुबंध के अंदर नहीं आते हैं। मनुष्य अभ्यास गत रूप से सर्वशक्तिमान प्राधिकारी को पूरी निष्ठा से मानते हैं। सर्वशक्तिमान के निर्देश लोगों के लिए कानून और लोग इस कानून को मानेंगे ।

Criticism of State of Nature: प्राकृतिक राज्य की समालोचना

 प्राकृतिक राज्य सामाजिक अनुबंध सृष्टि होने का कारण था लेकिन स्टेट आफ नेचर की कोई आधार नहीं है । इतिहास में प्राकृतिक राज्य को लेकर कोई भी जानकारी नहीं है। प्राकृतिक राज्य निराधार है ।


• मनुष्य की Nature के बारे में  Thomas Hobbes बोल तथ्य प्रदान किए हैं। प्राकृतिक राज्य में मनुष्य और सामाजिक था, जानवर जैसा रहता था यदि यह सत्य है परवर्ती समय में मनुष्य के अंदर स्नेह ,दया , त्याग आदि अच्छे गुण कैसे सृष्टि हुआ ।


• स्टेट ऑफ नेचर में मनुष्य असामाजिक था इसका कोई भी जानकारी नहीं है।

Criticism of Social Contract theory: सामाजिक अनुबंध की समालोचना.

• Thomas Hobbes के अनुसार प्राकृतिक राज्य के लोग असामाजिक और जानवर जैसी जीवन जी रहे थे । लेकिन परवर्ती समय मे वही मनुष्य अन्य लोगों के साथ मिलकर   समझौता साक्षर कैसे किया ?


• Hobbes की सामाजिक अनुबंध को एक अनुबंध काहा नहीं जा सकता। क्योंकि अन्य सारी अनुबंध के जैसे इसमें दो पक्ष नहीं होते ।


• व्यक्ति चाहे तो अनुबंध या समझौता तोड़ सकता है यानी कि वह कॉन्ट्रैक्ट से अलग हो सकता है।

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