87+ ‘SHOCKING’ Psychological Facts in HINDI | बेहतरीन मनोवैज्ञानिक तथ्य.

Published by Pintu on

Psychological facts photo

स्वागत है दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसे Psychological Facts in Hindi के बारे में बताने वाले हैं जिसे जानकर आपका होश उड़ाने वाले हैं. Psychology जिसे हम हिंदी में मनोविज्ञान कहते हैं. इसी से जुड़े कुछ तथ्य हम आपको बताने वाले हैं.

हर साल मनोवैज्ञानिक नए-नए  रिसर्च और तथ्य दुनिया के सामने लाते हैं. जो मानव समाज को चौकाने में कोई कसर नहीं छोड़ती, ऐसी क्या क्या रिसर्च होती है, उसमें क्या-क्या तथ्य निकलते हैं जो किसी भी इंसान के होश उड़ा सकते हैं।

मनोविज्ञान एक ऐसा विषय है जो किसी भी इंसान के हावभाव को देखकर उसके बारे में अनेक जानकारी हासिल कर सकता है। आप भी इस मनोवैज्ञानिक तथ्यों के बारे में जाने के लिए समझेंगे तो आप भी किसी की अब आपको आसानी से समझ सकते हैं। तो सबसे पहले जानते हैं क्या है यह मनोविज्ञान, चलिए समझते हैं।

मनोविज्ञान क्या है?

मन के विज्ञान को मनोविज्ञान कहा जाता है अर्थात यह ये विज्ञान है, जिसके अंतर्गत मनुष्य के मन , मानसिक प्रिया साथ ही व्यवहार, आचरण को अध्ययन किया जाता है। किसी भी इंसान की मानसिक स्थिति का पता लगाया जाता है। मनोविज्ञान पहले दर्शनशास्त्र का एक शाखा था जो आगे जाकर एक अलग विषय बना।

मनोविज्ञान यानी कि Psychology यह एक ग्रीक शब्द है। दोस्तों साइकोलॉजी मानव मस्तिष्क, उसकी कार्यों  की अध्ययन का एक वैज्ञानिक तरीका है। जो मनुष्य की चेतना अबचेतना का अध्ययन करता है।  इससे मनुष्य के मन को पढ़ने वाला विज्ञान भी कह सकते हैं।

तो चलिए दोस्तों आज हम किस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसे मनोवैज्ञानिक तथ्य के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे जानकर आप किसी भी इंसान की मानसिक स्थिति को कुछ हद तक आसानी से जान सकते हैं। इसीलिए हमारे साथ अंत तक बने रहे।

10 बेहतरीन मनोवैज्ञानिक तथ्य (Psychological facts in Hindi)

  1. अपना दुख और दूसरों का सुख हमेशा लोगों को ज्यादा लगता है।
  2. यदि आप सिंगल हो तो आपको शादीशुदा लोग ज्यादा खुश है ऐसा लगेगा और आप शादीशुदा है तो सिंगल लोग ज्यादा मजे में है ऐसा लगेगा।
  3. झूठ बोलने वाले लोग दूसरों का झूठ आसानी से पकड़ लेते हैं। क्योंकि वह इसमें महारत हासिल किए होते हैं, समझे।
  4. सोने से पहले आपके मन में जिस आखरी व्यक्ति का ख्याल आता है, तो वो व्यक्ति आपकी खुशी या दुखों का कारण होता है।
  5. कोई इंसान अपने आपको ज्यादा ज्ञानी समझता है असल में वह उतना  ज्ञानी नहीं होता.
  6. रिसर्च कहते हैं हम खुद के ऊपर खर्च करने के अलावा दूसरे के ऊपर खर्च करने से हम ज्यादा खुशी होते हैं।
  7. मनोवैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार आप किसी के बात को ज्यादा सुनते हैं तो आप उसकी नजरों में छोटे होते हैं।
  8. कहते हैं दुख बांटने से कम होती है , सत्य है लेकिन खुद की सीक्रेट बताने से दुख बढ़ते हैं।
  9. जो लोग ज्यादा मजाकिया होते हैं वह लोग ज्यादा उदास और तनाव में होते हैं। हर कोई हंसते हुए इंसान खुश नहीं होता।
  10. दुनिया में 90% लोग यह सोचते हैं कि का समय कुछ पल के लिए पीछे चला जाता।

मनोविज्ञान से जुड़ी कुछ हैरान कर देने वाले तथ्य – Psychological facts in hindi

1. मनोविज्ञान कहता है कि कोई इंसान आपके बारे में अच्छा सुनने पर जल्दी यकीन नहीं करता लेकिन आपके बारे में बुरा सुनने पर तुरंत यकीन कर लेता है।


2. मनोविज्ञान कहता है कि इंसान अपने दुखों के वजह दूसरों की खुशी से ज्यादा दुखी होता है।


3. जब आप किसी अपने को याद कर रहे होते हैं तब आप बेवजह उदास रहते हैं। अर्थात बिना कारण उदास रहते हैं।


4. जब हम दुखों के समय किसी अपने को जो हमारे दिल से जुड़ा हुआ है ,उसे गले लगाने से यह एक पैंकिलर की तरह काम करता है जो हमारे दुखों को कम करता है।


5. अलग-अलग जगहों में घूमना और अलग-अलग शहर को देखना यह हमारे ह्रदय के लिए अच्छा होता है। इससे इंसान की दिमागी क्षमता भी बढ़ती है।


6. जब आपके पास 2 विकल्प होते हैं। तो मनोविज्ञान कहता है कि इस क्षेत्र में आपका पहला विकल्प सही होता है.


7. किसी भी कपल अपने बच्चों के जन्म के बाद 1 साल तक अपने 500 से 700 घंटे की नींद खो देते हैं.


8. यदि आप अपने लक्ष्य को दूसरों को बताने फिरते हैं तो उस लक्ष्य को प्राप्त करने की संभावना थोड़ी कम हो जाती है। इसका कारण है उस लक्ष्य को प्राप्त करने का मोटिवेशन खो देते हैं।


9. हम जिसके साथ ज्यादा समय बिताते हैं. उसकी आदतें हमको भी लग जाती है.


10. जब भी आप अच्छे कपड़े पहनती है उस दिन आप अपने आपको ज्यादा मोटिवेट रखते हैं। उस दिन आप ज्यादा सकारात्मक महसूस करते हैं।


11. दुनिया में ज्यादातर लोग कैसे बात को लेकर हमेशा तनाव में रहते हैं।


12. आपके टेंशन के कारणों को और आपके विचारों को कागज में लिखने से तनाव कम होता है।


13. कुछ रिसर्च कहते हैं, पढ़ाई के वक्त चॉकलेट खाने से विषय जल्दी और आसानी से याद रहता है।


14. मनुष्य का स्वभाव इस तरह होता है कि जब लोग उसे भाव देते हैं तब वह उन लोगों का कदर नहीं करता बल्कि जो लोग उसको टोटली पसंद नहीं करते उसके पीछे दौड़ता है। बिल्कुल मनुष्य का स्वभाव ऐसा ही है।


15. जो व्यक्ति सबसे ज्यादा गुस्सा करता है, इसका अर्थात उसे सबसे ज्यादा प्यार और अपनेपन की जरूरत होती है।


16. जो लोग अपने आपको ज्यादा स्मार्ट समझते हैं वह लोग इतना स्मार्ट नहीं होते।


17. जो लोग अपने आप से बातें करते हैं वह लोग सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा स्मार्ट होते हैं।


18. जब कोई इंसान किसी को कहता है कि मुझे तेरी कोई परवाह नहीं अर्थात वही सबसे ज्यादा परवाह करता है।


19. नेगेटिव बातें सोचने से शरीर और दिमाग बीमार जैसा हो जाता है।


20. जो इंसान अपने काम में अधिक व्यस्त रहता है, तो वह सबसे अधिक खुश रहता है।


21. जो लोग दूसरों को खुश करने की कोशिश करते रहते हैं। तब वह लोग ही सबसे ज्यादा दुखी और अकेले होते हैं। वह लोग इसलिए कोशिश करते हैं कि दूसरों की खुशी से खुद की दुख थोड़ी कम होगी.


22. जो व्यक्ति ज्यादा खुशी होता है उसकी नींद कम हो जाती है।


23. जो व्यक्ति सबसे ज्यादा सोता है, मनोविज्ञान इसका वजह कहता है की वह इंसान तनाव में है यह तो दुखी है या तो उसके जीवन में अकेलापन है।


24. कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा सत्य रात के समय कहता है। क्योंकि दिन भर काम करने की थकान से उसका दिमाग ज्यादा सोच नहीं पाता। उसके मुंह से सत्य वचन है अधिकतर बाहर आता  है।


25. अत्यधिक चिंता यानी कि Over thinking मनुष्य को नकारात्मक बना सकता है।


26. जो इंसान  रात मैं सबसे ज्यादा समय तक जागते हैं, उनकी दिमाग सामान्य लोगों से तेज होती है।


27. जब कोई इंसान के अंदर आत्मविश्वास नहीं होता तो वह दूसरों की कमियां निकालने बैठता है। दूसरों की कमियों से खुद का कमियां छुपाता चाहता है।


28. संगीत सुनने से शरीर तनाव और डिप्रेशन कुछ हद तक कम हो जाता है। संगीत इसमें एक राहत दिलाने की तरह काम करता है।


29. जो इंसान छोटी-छोटी बातों पर जो देता है वह इंसान नम्र स्वभाव का होता है।


30. दुनिया में 90 प्रतिशत लोगों को घूमना फिरना बहुत पसंद होता है। लेकिन सबका अलग अलग नजरिया होता है। किसी को पहाड़ देखना पसंद है तो किसी को समुद्र।


31. लोग सत्य घटनाओं के मुकाबले अफवाह पर ज्यादा विश्वास करते हैं।


32. महिलाएं किसी भी विषय में निर्णय लेने के मुकाबले पुरुषों से अधिक समय लगाते हैं, और अपने निर्णय में लंबे समय तक टिके रहते हैं।


33. सुबह जल्दी उठने वाले लोगों के अंदर गुस्सा अधिक होता है। अर्थात सुबह जल्दी उठने लोग देर से उठने वाले लोगों से ज्यादा उत्साहित रहते हैं।

34. सच बोलने वाले का हाथ ज्यादा हिलता है. और झूठ बोलने वाले लोग कहां किस जगह पर बनी रहती है.

35. मन की नकारात्मक सुविचार को दूर करने के लिए उसे कागज में लिखें और फाड़ कर कूड़ेदान में फेंक दीजिए, मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा करने से नकारात्मक विचार नहीं आती.

36. आपने सुना होगा कि महिलाएं ज्यादा झूठ बोलती है लेकिन यहां सत्य नहीं है एक सर्वे के अनुसार बताया गया है कि महिलाओं से अधिक पुरुषों अधिक झूठ बोलते हैं।


37. जो लोग ज्यादा मीठे खाते हैं वह लोग अधिक खुश होते हैं और खुशी होने के नए बहाने ढूंढते रहते हैं.

38. एक मनोविज्ञान सर्वे के अनुसार कहा गया है कि बच्चे 7 साल के उम्र हो जाने के बाद झूठ बोलना शुरू कर देते हैं.

39. जो लोग ज्यादा शर्मीले होते हैं वह लोग भीड़ देखकर अपने हाथ को जेब के अंदर डाल देते हैं.

40. जो लोग रात में देर तक जागते हैं वह लोग जल्दी सोने वाले लोगों से अधिक इंटेलिजेंट होते हैं। इसका मतलब आप शुरू ना कर दो रात रात भर जागना।

लड़कियों से जुड़ी कुछ मनोवैज्ञानिक तथ्य – (Woman Psychological facts in Hindi)

Psychological facts photo
  • ज्यादातर लड़कियों को अपना असली उम्र बताना अच्छा नहीं लगता.

  • महिला अपने पार्टनर से हमेशा खुद के लिए स्पेशल जगह खोजती है. जहां उसके अलावा और कोई महिला ना हो.

  • कई बार महिलाएं जो असल में महसूस करती है, वो ना  बोलकर,  उल्टा बोलती है, जिससे कई बार पुरुष कंफ्यूज हो जाते हैं। दरअसल महिलाएं ऐसा इसलिए कहते हैं, क्योंकि अधिकतर प्यार करने वाली महिलाएं अपनी भावनाओं और इच्छाओं को बताने में संकोच करती है.

  • महिलाएं अपने चेहरे को याद करने में पुरुषों से आगे होते हैं. महिलाएं अपने चेहरे को सवारती और निखारती रहते हैं

  • महिलाएं पुरुषों के मुकाबले एक समय बहुत सारे काम कर सकते हैं.

  • आपने देखा होगा बहुत सारे महिलाएं अपने दुख और दर्द को चुप रह कर व्यक्त करते हैं.

  • लड़कियों को हमेशा दूसरी लड़कियों की सुंदरता से अपनी सुंदरता कम ही लगती है.

  • लड़कियां ज्यादातर अपने दुखों को रोते हुए निकाल देते हैं जबकि लड़के एहसान नहीं कर पाते.

  • लड़कियां लड़कों के मुकाबले सबसे ज्यादा रंगों को पहचान सकती है इसीलिए वह अपनी लिपस्टिक के रंग बारीकी से चुनती है.

  • लड़कियों को अपनी तारीफ सुनना बहुत पसंद है, चाहे वो तारीफ झूठ हो या सच.

  • लड़कियों को बच्चे बहुत पसंद होते हैं, चाहे वह इंसान का बच्चा हो या कुत्तों का.

  • जब किसी महिला की पुरुषों की तरफ आकर्षित होता है तब उसकी बोलने की स्वर सामान्य बोलने की तुलना में अधिक हो जाता है ।

  • लड़कियां जिसे पसंद करती है, उसके बारे में कुछ अनाप-शनाप नहीं सुन पाती।

  • लड़कियों का नाम लेकर बुलाने से बहुत खुशी होती है।
  • जिन लड़कियों की IQ सबसे ज्यादा होती है,  वह अपने दोस्त बनाने में ज्यादा समय लगाती है. अर्थात वह जल्दी अपना दोस्त नहीं बना पाती.

लड़कों से जुड़े कुछ मनोवैज्ञानिक तथ्य (Boys Psychological facts in Hindi)

  • मनोवैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार कहा गया है कि एक आदमी 1 दिन के पूरे समय में करीब 20 से 25 बार Sex के बारे में सोचता रहता है.

  • पुरुष अपनी गलतियों से ज्यादा सीखते हैं.  रिक्स लेने की क्षमता महिलाओं  से अधिक पुरुषों में होता है. वह रिक्स लेने में बचपन से ही शुरू हो जाते हैं.

  • आप बहुत बार सुना होगा कि लड़कियां सबसे ज्यादा झूठ बोलती है. लेकिन एक रिसर्च के अनुसार बताया गया है कि लड़कियों से ज्यादा लड़के झूठ बोलते हैं. क्यों नहीं बोलेंगे, गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए झूठ बोलना पड़ता है, बीवी को खुश करने के लिए झूठ बोलना पड़ता है।

  • लड़के खुले विचारों के होते हैं। यानी कि वह किसी भी लड़कियों के साथ अनकंफरटेबल नहीं होते हैं। गर्लफ्रेंड होने के बावजूद वह किसी और लड़की के साथ रात गुजार सकते हैं। लेकिन पुरुषों के मुकाबले कुछ ऐसी लड़कियां होती है जो सबके साथ कंफर्टेबल होती है। लेकिन ज्यादातर महिलाएं अपने पार्टनर के अलावा किसी और को ज्यादा विश्वास नहीं कर पाती।

  • ज्यादातर लड़के हो और खूबसूरत लड़कियों को देखकर सोचते हैं कि काश यह मेरी गर्लफ्रेंड होती

  • पुरुष महिलाओं के अपेक्षा ज्यादा दुख को सहन कर पाते हैं।

  • ज्यादा भावुक लड़के अपने लक्ष्य के प्रति मजबूत रहते हैं। क्योंकि वह अपने लक्ष्य के साथ इमोशनल जुड़े हुए रहते हैं।

  • लड़के कम रोते हैं इसका बड़ा कारण यह है कि वह बचपन से ही रोना नहीं सीखते। उन्हें बचपन से ही मुसीबतों और बुरे हालातों से लड़ना सिखाते हैं इसीलिए वह जितने भी बड़े-बड़े मुसीबत आ जाए, वह रोती नहीं लड़ना जानते हैं।

  • एक मनोवैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार बताया गया है कि दुनिया में 90% लड़के नशे के आदी होते हैं। कुछ लड़के शराब पीते हैं या कुछ लड़के खैनी या गुटका का सेवन करके नशा करते हैं।

  • लड़के लड़कियों के मुकाबले कम बात करते हैं।

कुछ मनोवैज्ञानिक तथ्य वीडियो में जाने

अटपटा मजेदार मनोवैज्ञानिक तथ्य। ( Amazing Psychological Facts)

  • एक रिसर्च के तहत बताया गया है कि  लड़कियों के मामले में कुछ लड़के Advanced level के होते हैं। जब लड़कों को कोई लड़की पसंद आ जाती है तो उसे इंटरनेट पर खंगालने लगते हैं। सोशल मीडिया पर उसकी प्रोफाइल को लेकर रिसर्च करते रहते हैं। Photo पर लाइक और कमेंट के बरसात कर देते हैं।

  • लड़कियों से ज्यादा लड़के लड़कियों की तरफ आकर्षित होते हैं. क्यों नहीं होंगे कभी सुना है क्या अंडे स्पर्म की तरफ आते हुए, हमेशा स्पर्म ही अंडे की तरफ खिंचा चला जाता है.  यह एक प्राकृतिक मनोवैज्ञानिक तथ्य है. 

  • मनोवैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार कहा गया है कि दुनिया में अधिकतर सुंदर लड़कियां थोड़े कम हैंडसम लड़कों को ही शादी करते हैं. हमारे भारत में इस कारण के पीछे का सच सरकारी नौकरी को माना जाता है, लेकिन यह सच नहीं है।

  • महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के ऊपर बिजली गिरने की संभावना 5 गुना अधिक होता है। शायद ये आसमानी बिजली हो या लड़कियों की खूबसूरती का।

  • 40 वर्ष की उम्र तक के पुरुषों का लिंग 10 सेकंड में खड़ा हो जाता है।

  • आप सोचते होंगे कि लड़कियां शरीफ होती है वह ज्यादा गंदी वाली बातें नहीं बोलती और गालियां नहीं देती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं दोस्तों उन्हें भी पुरुषों की तरह गंदी बातें बोलना बहुत पसंद है और वह भी गंदी गालियां देती है।

  • लड़कियों को तारीफ सुनना बहुत पसंद है। शायद वह तारीफ झूठी ही क्यों ना हो।

  • लड़की के सामने ज्यादा बातें और ज्यादा समय तक सीरियस नहीं रहना चाहिए, इससे लड़की को अच्छा नहीं लगता, वह उससे पकाऊ और बुद्धू समझती है।

  • लड़कियों के बातें ज्यादा सुनने से, और उनके बातों पर रिप्लाई देने से वे बहुत ज्यादा खुश होती है।

  • लड़कियां ज्यादा संवेदनशील होती है उन्हें अपनी सीक्रेट और गंभीर बातें नहीं बताना चाहिए, और वह वही बातों को जिंदगी भर भूलते नहीं है। –

  • लड़कियां गंभीर और सीक्रेट बातों को ज्यादा समय तक पेट में पचा नहीं सकते। एक रिसर्च के अनुसार पता चला है कि लड़कियां औसतन 48 घंटे के अंदर ही गंभीर से गंभीर बातों को बता देते हैं।

  • हमारा मानव व्यवहार ऐसा है कि हम जो चीज को ज्यादा याद रखना चाहते हैं उसे जल्दी भूल जाते हैं।

मानव व्यवहार से जुड़ी 10 मनोवैज्ञानिक तथ्यों (Human Behaviour)

1. हम जो भी नीति दिन की तरह सोशल मीडिया और टीवी पर देखते हैं वह हमारी दुनिया देखने की अंदाज़ को नकारात्मक और सकारात्मक इफेक्ट करने की ताकत रखता है. हम आपको बता दें जो भी इंसान ज्यादातर क्राइम, डिटेक्टिव और इन्वेस्टिगेशन जेसी TV Shows या सोशल मीडिया इस से रिलेटेड कुछ भी देखते हैं तो दुनिया को एक नकारात्मक अंदाज से देखते हैं. वह सोचते हैं कि दुनिया एक डरावनी जगह है और यहां हम एक विक्टिम के अलावा कुछ नहीं है। बल्कि इससे उल्टा झूलो कॉमेडी, फेंटेसी जैसी  फिल्में या टीवी शो देखते हैं उन्हें दुनिया उन्हें एक सकारात्मक अंदाज से दिखती है।


2. मानव व्यवहार पर एक रिसर्च से पता चला है कि आलस्य किशोरावस्था का एक सामान्य हिस्सा है. आलस  बालक के बुरे व्यवहार को नहीं दर्शाता है।


3. मनोविज्ञान थ्योरी के अनुसार कहा गया है कि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो इसलिए ज्यादा खुश नहीं हो पाते क्योंकि वह डरते हैं कि अगले पल उनके साथ कुछ बहुत बुरा हो ना जाए.


4. जब दो व्यक्ति एक दूसरे से बात कर रहे हैं और उनमें से एक अपने पैर को बार-बार एक पैर को बाहर की दिखा में घुमाता है अर्थात अपना पैर थोड़ा दूर रखता है , तो इसका मतलब यह होता है कि वह व्यक्ति इस बातचीत छोड़कर जाना चाहता है. इस बात से भी सहमत नहीं है।


5. एक रिसर्च के अनुसार कहा गया है कि मुस्कुराने से तनाव कम होता है। मुस्कुराने से हमारे शरीर में endorphin नामक एक प्रकार की केमिकल रिलीज होती है जो तनाव को कम करती हैं।


6. कहां जाता है कोई भी इंसान यदि रोते समय उसका पहला आंसू दाईं आंख (right eye) से निकलता है तो इसका मतलब वह रोते हुए अपनी खुशी को व्यक्त कर रहा है।  और इंसान अपने दुख को व्यक्त करते समय उसकी आंखों के पहली आंसू बाईं आंख (left eye) से निकलती है।


7. हमारा दिमाग इस तरह से व्यवहार करता है कि कोई यदि हमें रिजेक्ट कर दे तब वह इसे एक शारीरिक दर्द (Physical Pain) की तरह लेता है मानसिक तकलीफ  (Mental pain)  की तरह नहीं। इसलिए ज्यादा टेंशन लेने का नहीं खुश रहने का।


8. यह एक आश्चर्यजनक मनोवैज्ञानिक तथ्य है। यदि कोई  सो रहा है और उसे कोई व्यक्ति घूर रहा है, तब भी हमारा दिमाग समझ सकता है कि कोई हमें घूर रहा है।


9. आपने सुना होगा कि मरने के बाद आत्मा कुछ समय तक शरीर में होती है। ऐसा मनोवैज्ञानिक तथ्यों में भी बताया गया है कि मरने के बाद 7 मिनट तक उस इंसान के दिमाग की गतिविधि चलती रहती है। उस समय दिमाग यादों को एक सपने (Dream Sequence) की तरह दिखाता है।


10. मनोवैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार कहा गया है कि यदि कोई इंसान का लिखावट अच्छी नहीं तो असल मे वह इंसान काफी होशियार और उसकी सोचने की शक्ति काफी तेज होती है।

अंतिम कुछ शब्द

दोस्तों हम आपको साइकोलॉजिकल फैक्ट इन हिंदी के बारे में बताएं जो आपको कैसा लगा हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा. ऐसे ही और फैक्ट जानने के लिए हमारे दूसरे आर्टिकल को भी पढ़ना ना भूले।

FAQ

मनोविज्ञान के तहत प्यार किया है?

प्यार एक भावना यथा एहसास है। जो दिल से होता है  इन भावनाओं में अलग अलग विचारो का समावेश होता है। love स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे आगे बढ़ता है। प्यार एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है जो सब भूलकर उसके साथ जुड़ने को उत्साहित करता है।

मन क्या है

मन क्या है बता पाना बहुत मुश्किल है। आप इसे इस तरह समझ सकते हैं।  मानसिक भावनाओं को व्यक्त करने का एक तरीका होता है जो संवेदना, धारणा, सोच, विश्वास, तर्क, स्मृति, इच्छा, भावना और प्रेरणा में प्रकट होता है।

आत्मा क्या है

आत्मा जिसे कोई काट सकता है ना कोई छू सकता है, जिसे कोई ना सुखा सकता है ना कोई भिगो सकता है. केवल उसकी उपस्थिति का एहसास होता है. जैसे कि प्रकाश .

लड़कियां भाव क्यों नहीं देती

ह्यूमन साइकोलॉजी के अनुसार बताया गया है . कदर करने व्यक्ति को इंसान ज्यादा भाव नहीं देता, जो उसे बिल्कुल कदर नहीं करता उसके पीछे भागता है. यह एक प्राकृतिक व्यवहार है. वह जल्द उसका एहसास नहीं कर पाता, जब एहसास होता है तब उसे कदर करने वाला कोई नहीं होता.

Categories: AMAZING FACTS

0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *