ओडिसा के उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं – Udayagiri and Khandagiri Caves in Hindi

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ओड़ीसा, इस राज्य में दर्शनीय स्थल की कोई कमी नहीं है। भक्तों के लिए पुरी जगन्नाथ मंदिर, प्रकृति प्रेमी के लिए चिलिका झील, रहस्य से भरा हुआ, लोगों की जिज्ञासा जगाने के लिए कोणार्क मंदिर काफी है.  इसके अलावा कपिलास, हरिशंकर, तारा तारिणी आदि तीर्थ यात्रियों के लिए यह एक पुण्य पवित्र भूमि  है।

उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं -Udayagiri and Khandagiri Caves in Hindi  

ओड़ीसा की बाकी दर्शनीय स्थल में से अर एक अपूर्व दर्शनीय स्थान है उदयगिरि और खंडगिरि जे पर्यटकों के लिए आकर्षण केंद्र बना हुआ है। उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं बहुत समय पहले जैन भिक्षुओं के लिए पत्थर को काटकर बनाया या। उदयगिरि का अर्थ है- सूर्य उदय पहाड़ और खंडागिरी का अर्थ है खंडित पहाड़।

उदयगिरि और खंडगिरि कहां है ? 

ओड़ीसा के राजधानी भुवनेश्वर मैं स्थित है यह खंडागिरी और उदयगिरि गुफाएं । भुवनेश्वर से पश्चिम दिशा के तरफ लगभग 6 किलोमीटर दूर में है यह दो पहाड़े। रास्ते के एक तरफ है खंडागिरी और दूसरी तरफ उदयगिरि पहाड़। इन दो पहाड़ों में 33 गुफाएं हैं। जिनमें से  उदयगिरि में है 18 गुफाएं और खंडागिरी में 15 गुफाएं है । पत्थर को काटकर यह गुफा सारे बनाए गए हैं। यह गुफाएं भारत की पुरातन और ऐतिहासिक गुफाओं में से एक है जिसका उल्लेख हाथीगुम्फा की शिलालेख में कुमारी पर्वत के रूप में किया गया है।

उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं केसे पहुचें – How to Reach Udayagiri and Khandagiri Caves 

आप उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं आना चाहते हैं तो आराम से आ सकते हैं। पर्यटकों के लिए हवाई जहाज, ट्रेन, सड़क मार्ग से किसी से भी सफर कर कर आ सकते हैं। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में पूरी डिटेल।

  •  Flight

उदयगिरि और खंडगिरि पहाड़ के निकटतम हवाई अड्डा है भुवनेश्वर हवाई अड्डा यानी कि बीजू पटनायक अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा। जैसे आप एयरपोर्ट से बाहर निकलेंगे आसानी से आपको केब या  टैक्सी मिल जाएगी। उदयगिरि और खंडगिरि पहाड़, एयरपोर्ट से लगभग 6 किलोमीटर दूर पर स्थित है। 15 से 20 मिनट के अंदर आसानी से पहुंच जाएंगे।

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इन पहाड़ों की नजदीकी रेलवे स्टेशन है भुवनेश्वर मास्टर कैंटीन रेलवे स्टेशन । भारत के पूर्व भाग में अवस्थिति रेलवे स्टेशन में से भुवनेश्वर कि ए रेलवे स्टेशन काफी महत्वपूर्ण है। यह रेलवे स्टेशन देश की सारी रेल नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। स्टेशन में उतर कर केब या टैक्सी से शंकर रोड होकर जनपद रोड से राजपथ रोड होकर आसानी से आ सकते हैं। रेलवे स्टेशन से उदयगिरि और खंडगिरि की दूरी लगभग 8 किलोमीटर पड़ जाएगा। समय के हिसाब से देखें तो 19 मिनट से 25 मिनट तक लग जाएगा।

  • By Road

भुवनेश्वर की नेशनल हाईवे(NH-16)  कोलकाता और चेन्नई से जुड़ी हुई है। कोलकाता से 480 किलोमीटर और चेन्नई से आने वाले पर्यटक  के लिए 1125 किलोमीटर भुवनेश्वर पड़ जाएगा। उदयगिरि और खंडगिरि की नजदीकी बस स्टॉप है बरमुंडा बस स्टॉप वहां । बस स्टॉप से पहाड़ों की दूरी मात्र 3.5 K.M. वहां से आप टैक्सी या केब से लगभग 8 मिनट में पहुंच जाएंगे।

उदयगिरि और खंडगिरि गुफाओं का इतिहास (History of Udayagiri and Khandagiri Caves in Hindi )

उदयगिरि और खंडगिरि गुफाओं का इतिहास लगभग 350- 550 ईसा पूर्व का है। यह गुप्त काल में बनाया गया गुफाएं हैं । यह गुफाएं महा  मेघवाहन राजवंश की गुफाएं है। यह वंशज द्वितीय से पांचवी सदी तक राज किए थे । शोधकर्ताओं के अनुसार यह गुफाएं दूसरी शताब्दी में राजा खारवेल के शासनकाल में बनाया गया था। खारवेल महा मेघवान राजवंश के राजा थे जो जैन भिक्षुओं के लिए यह गुफाएं बनाए थे। बलुआ पत्थर को काटकर यह गुफाएं बनाए हैं। जैन भिक्षुओं यहां रहकर अपनी उपासना करते थे।  यह प्राचीन गुफाओं की खोज पहली बार 19 वीं शताब्दी ईस्वी में एक  ब्रिटिश अधिकारी एंड्रयू स्टर्लिंग ने की थी । 


इस गुफाओं की  ऐतिहासिक गधा इसकी शिलालेख में उल्लेख की गई है। हाथीगुंफा शिलालेख अलावा अन्य गुफाओं में  ओड़ीसा की प्राचीन इतिहास के बारे में काफी जानकारी देती है। इतिहास, वास्तुकला, कला और धर्म की नजर से इन गुफाओं का विशेष महत्व है ।

उदयगिरि गुफाएं (Udayagiri Caves)

 जैसे ही पर्यटक भुवनेश्वर से आते है, उदयगिरि पहाड़ दायीं ओर दिख जाएगा। खंडगिरि की तुलना में, उदयगिरि में अधिक सुंदर और बेहतर रखरखाव वाले गुफाएं पाई जाती है। उदयगिरि में 18 गुफाएं हैं । रानी गुफा की सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण गुफा में से एक है। इस गुफा में कुछ प्राचीन सुंदर मूर्तियां है । इसके अलावा और एक महत्वपूर्ण गुफा है हाती गुम्फा  जिसमें खारवेल के शिलालेख मौजूद है इसके साथ साथ यह एक बड़ी प्राकृतिक गुफा है । 

उदयगिरि में गुफाओं के नाम:

1. रानी गुम्फा                         10. गणेश गुम्फा
2. बाजाघर गुम्फा                    11.  जम्बेश्वार गुम्फा
3. छोटा हाथी गुम्फा                 12.  व्यग्र: गुम्फा
4. अल्कापुरी गुम्फा                  13.  सर्पगुम्फा
5 .जया-विजया गुम्फा               14.  हाथी गुम्फा
6. पनासा गुम्फा                       15.  धनागार गुम्फा
7. ठाकुरानी गुम्फा                    16.   हरिदास गम्फा
8. पातालपुरी गुम्फा                  17.  जगम्मठ गुम्फा
9. मैनकपुरी गुम्फा                   18.   रोसई गुम्फा

हाथीगुंफा शिलालेख

ओडिसा के महान सम्राट खारवेल के बारे में  यह शिलालेख में उल्लेख किया गया है । जो कॉलिंग सम्राट खारवेल के बारे में शोधकर्ताओं को काफी जानकारी प्रदान करने का एक मुख्य स्रोत है। हाथी की उत्कृष्ट नक्काशी के कारण इस गुफा को हाथी गुम्फा के नाम से जाना जाता है। 


हाथीगुंफा शिलालेख में ओडिसा के प्राचीन इतिहास के बारे में काफी जानकारी मिलती है। यहां शिलालेख कॉलिंग सम्राट खारवेल ने लिखवाया था जो  प्रकृत भाषा मे लिखा गया है। इस शिलालेख से भारत के प्राचीन इतिहास के बारे में काफी जानकारी मिलती है।

खंडागिरी गुफाएं (Khandagiri Caves)

जब आप भुवनेश्वर से  यहां पर पहुंचते हैं तो खंडगिरी पहाड़ आपके बाईं ओर दिखाई देगी । रास्ते की डाई और उदयगिरि और बाएं और खंडगिरि दिखाई देगी। खंडगिरि में 15 गुफाएं हैं। इन गुफाओं का  सोमवंशी वंश के उद्योतकेशरी के शासनकाल में बनाया गया था।


खंडगिरी की गुफाओं के नाम
1. टैटोवा गुम्फा-1                9.  त्रिशूला गुम्फा
2. टैटोवा गुम्फा-2               10. अंबिका गुम्फा
3. अनंत गुम्फा                   11. ललतेंन्दुकेसरी गुम्फा
4. तंटुली गुम्फा                   12. अज्ञात
5. खंडगिरी गुम्फा                13. अज्ञात
6. ध्यान गुम्फा                    14. एकादशी गुम्फा
7. नवमुनी गुम्फा                 15. अज्ञात
8. बारह्भुजी गुम्फा

उदयगिरि और खंडगिरि में घूमने आने का सबसे अच्छा समय। Best

उदयगिरि और खंडगिरी गुफाओं की घूमने आने का सबसे अच्छा समय है नवंबर और मार्च के महीनों के बीच । क्योंकि भुवनेश्वर गर्मियों में काफी गर्म होता है, इसलिए यह महीने आपके लिए काफी सुखद होगा  । इन दिनों आप बिना गर्मी की एहसास करे आराम से घूम सकते हैं। सूर्य उदय से सूर्य अस्त तक आप यहां आराम से घूम सकते हैं।

प्रवेशिका फीस :Tickets

(  फिस अनिर्धारित ) आप भारतीय हैं तो आपको जन प्रति ₹25 देना होगा। इसके अलावा SAARC & BIMSTEC देशों के पर्यटकों के लिए भी जन प्रति ₹25 Rupees पड़ जाएगा । इसके अलावा अन्य देशों के पर्यटकों के लिए ₹300  फीस देना पड़ेगा 15 से कम उम्र के बच्चों के लिए Free .

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