Chilika Lake All Details in Hindi (खारे पानी का झील चिलिका झील)

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नमस्कार दोस्तों लोगों को घूमने फिरने की बहुत शौक है और वह बहुत जगह में घूमने जाते हैं। हां दोस्तों हम आपको आज ऐसी जगह घुमाने ले जा रहे हैं जिसकी प्राकृतिक दृश्य आपकी मन को अपनी तरफ खींच लेगी।

तो चलिए दोस्तों हमारे साथ ओडिशा बेहद लोकप्रिय झील चिलिका झील जो एक खारे पानी का झील है। यहां की सुंदरता देख के आप डूब जाएंगे, पानी में नहीं खयालों में।

Chilika Lake all Details in Hindi

चिलिका ओड़िशा के सबसे बड़ी झील  और भारत की सबसे बड़ी खारे पानी  की झील है। कटक डिस्ट्रिक्ट में स्थित अंशुपा और पूरी डिस्ट्रिक्ट में स्थित Sara  झील मीठे पानी का झील है जबकि चिलिका खारे पानी( Brackish Water ) का झील है। चिलिका में स्थित नलवन विदेशी पक्षियों की सर्दी कालीन निवास स्थान है।चिलिका में स्थित परिकूद और मालूद द्वीप पर्यटक के लिए अन्यतम आकर्षण है। प्रकृति की विविधता इसमें फल-फूल रही है। विभिन्न प्रकार के पक्षी , समुद्री जीव और सामुद्रिक पौधों की यह एक बहुत बड़ा घर है चिलिका झील।


बहुत से पुस्तक  मे चिलिका को एक  झील के रूप में वर्णन और चर्चा किए हैं । लेकिन झील उसे कहते हैं –  एक जलभाग है जिसके चारों तरफ भूमि भाग यानी कि जमीन से घिरा हुआ होता है परंतु चिलिका  लगुन है यह ऐसा एक जल भाग है जिसकी चारों तरफ जमीन नहीं बल्कि तीन तरफ जमीन से घिरा हुआ है और एक तरफ समुद्र से जुड़ा हुआ है। इसीलिए चिलिका  को  एक झील कहने के बजाए Lagoon कहना यथोचित होगा।

चिलिका झील कहां है?

चिलिका भारत के पूर्व तट राज्य Odisha के खुरदा, पूरी और गंजाम जिलों में फैला हुआ एक खारे पानी का झील है। समुद्र से जुड़े होने के कारण चिलिका के पानी खारा होता है। चिल्का झील 1100 कि.मी. वर्ग में फैला हुआ और दया नदी के मुहाने पर स्थित है। प्रकृति प्रेमी के लिए यह एक आकर्षण का केंद्र है। जीवन में कभी ओडिशा घूमने आए तो चिलिका  घूमते हुए उसकी प्रकृति परिवेश की उपभोग करते हुए जरूर जाना।


भौगोलिक स्थिति के अनुसार चिलिका  को देखा जाए तो- 190-28 से 190-54 उत्तर अक्षांश एवं 850-50 से 850-38 पूर्वी देशांतर रेखा के अंदर अवस्थित है।

चिल्का झील कैसे पहुंचे How to reach Chilika lake in Hindi 

  • Railway:

यदि आप चिलिका जाना चाहते हैं तो आप East Coast Railway से यात्रा करे तो निकटतम रेलवे स्टेशन पड़ेगा बालूगांव रेलवे स्टेशन और रंभा रेलवे स्टेशन। ओड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से बालूगांव रेलवे स्टेशन पहुंचते-पहुंचते आपको लगभग 1hr 31min समय लग जाएगा। वहां से आप टैक्सी या BUS से भी चिलिका जा सकते हैं। बालुगांव रेलवे स्टेशन से चिल्का झील की दूरी मात्र 5 किलोमीटर  है।

  • By Road

यदि आप BUS से जाना चाहते हैं तो आपको भुवनेश्वर से  NH 5 देकर बालूगांव, बरकूल और रंभा  में उतर कर टैक्सी या ola पर जाना पड़ेगा। 

  • Airport 

चिलिका मे सीधा जाने के लिए कोई एयरपर्ट नहीं है यदि आप ओड़ीसा के बाहर से आ रहे हैं तो आपको चिलिका की नजदीकी  एयरपोर्ट भुवनेश्वर मे उतर सकते हैं। भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सेेेे Chilika lake की दूरी  लगभग 113 K.M. है । वहां से आप टैक्सी या bus से चिलिक आ सकते हैं ।


ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से बालूगांव लगभग 100 K.M.    ,  बरकुल लगभग 110 किलोमीटर और रंभा 130 किलोमीटर दूर पड़ जाएगा । यदि आप पुरी जगन्नाथ मंदिर घूमने आए हैं और चिलिका झील   देखना चाहते हैं तो आपको पूरी से सातपडा होकर जाना पड़ेगा। पूरी से सातपडा की दूरी लगभग 50 किलोमीटर।

चिलिका की विशेषता

पृथ्वी पर जितने भी जलभाग झील या लगून है उनमें से चिलिका का स्थान स्वतंत्र है। इसका कारण यह है कि चिलिका एक बहुत बड़ा खारे पानी का झील या लगून रूप में भारत उपमहाद्वीप स्थित है । यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ा अर्धखारी अनूपझील (Second largest Coastal lagoon) है। इसकी लंबाई 64 किलोमीटर और ओसार 20 किलोमीटर तक है।  चिलिका  भारत उपमहाद्वीप की पक्षियों का एक बहुत बड़ा और अच्छी सर्दियों का भूमि है( Wintering ground) और भारत की जैव विविधता की एक वृहद उस्म स्थल है।


एक सर्वे के द्वारा इस झील में लगभग 45% पक्षी, 32% जलपक्षी और 23% बगुले रहते हैं । यहाँ पर लगभग 37 प्रकार के सरीसृप जैसे कि छिपकली, मेढ़क, साँप,  मगरमच्छ आदि  उभयचर जीवो का  निवास स्थान है ।

चिलिका में घूमने  फिरने की अच्छे समय: Chilka Lake Best Time to Visit in Hindi

चिलिका  की प्राकृतिक सुंदरता को उपभोग करने के लिए बहुत सारे पर्यटक हर साल आते हैं। मेरे हिसाब से घूमने फिरने के लिए चिलिका में सबसे अच्छा समय है अक्टूबर महीने से फेब्रुवारी महीने तक लेकिन इसकी प्रकृति सौंदर्य को उपभोग  करने के लिए कभी भी आ सकते हैं । लेकिन October से February महीने में चिलिका झील की दृश्य लोगों को अपनी तरफ खींच लेती है। क्योंकि इसी समय प्रवासी पक्षियाँ (Migratory Birds) यहाँ आते हैं । जनवरी महीने में यहां  मकर मेला( मकर सक्रांति के समय)आयोजित किया जाता है जिसे देखने और महाकाली की दर्शन करने बहुत सारे श्रद्धालु आते हैं। देवी  काली मां की मंदिर चिलिका के कालिजाई द्वीप पर स्थित है।

Chilika के बेस्ट पर्यटक स्थल: Chlilika Best tourist place in Hindi 

चिलिका की प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाने के लिए बहुत सारी स्थान है जिनमें से आज हम पांच की बात करेंगे। कभी भी आप चिलिका घूमने आए तो यह पांच जगह जरूर घूमने जाइएगा। 

1.पक्षी अभयारण्य  चिलिका झील / Chilika lake Bird Sanctuary in Hindi

नलबन पक्षी अभयारण् , चिलिका झील के मध्य भाग में स्थित है। यह इंद्रप्रस्थ द्वीप पर बना गया एक विश्व प्रसिद्ध पक्षी अभ्यारण्य है। यह पक्षी अभ्यारण्य लगभग  15.53 किलोमीटर  के क्षेत्र में फैला हुआ है। Year 1972 में नलबन पक्षी अभ्यारण को  वन्यजीव सरंक्षण अधिनियम के अंतर्गत पक्षी अभ्यारण्य बोलकर घोषित कर दिया गया था। 

सर्दियों की महीने में चिलिका देश-विदेश से आए हुए  रंग बिरंगे पक्षियों की शोर चारों तरफ घूमती है। बहुत दूर से सांवरिया, ईरान, इराक ,चीन, लद्दाख, अफगानिस्तान, मंगोलिया, हिमालय , मध्य और दक्षिण पूर्व एशिया के देश रूस आदि दूर-दराज आदि अंचल से बहुत सारे पक्षी चिलिका प्रजनन करने के लिए आते हैं।  


पक्षी अभ्यारण में अधिकांश प्रवासी पक्षी प्रजनन के लिए सर्दियों के मौसम में आते है क्योंकि मानसून के समय यह इंद्रप्रस्थ द्वीप पूरी तरह से पानी में डुब जाता है। मानसून जाने के बाद जैसे जैसे इस द्वीप का पानी कम होते जाता  है वैसे-वैसे द्वीप वापस दिखाई देने लग जाता है और इसके साथ यहाँ पर बहुत   संख्या में प्रवासी पक्षियों का जमा होना भी शुरू हो जाता है। 


चिलिका  की शोभा  बढ़ाने के लिए फ्लैमिंगो , पिंटल पक्षी , ग्रेलाग गीज़, बगुले,स्पूनबिल्स, सफेद बेलदार समुद्री चील,  सारस, काले सर वाले इबिस, गोलिअथ बगुले, आदि 55 प्रजाति के  प्राय 7 लाख से अधिक पक्षी चिलिका में आते हैं। चिलिका की पक्षी आरक्षण में कालाहंस, धुआ हंस, पंड़ाहंस जैसी दुर्लभ जीव दिखाई देता है । साल 2012 में चिलिका में पक्षियों की आना थोड़ा सा कम हो गया था। प्रतिदिन नया-नया पक्षी चिलिका झील में आते हैं। इस नलबन पक्षी अभयारण्य में पक्षियों की खाने पीने की कोई कमी नहीं है यहां पक्षी विशेषज्ञ का कहना है।


पक्षियों की सुरक्षा के लिए इस नलबन पक्षी आरक्षण के अंदर दर्शकों   को जाने के लिए मना किया  गया है। अंदर जाने के लिए पक्षी आरक्षण की अनुमति लेना होगा। इस तरह से चिलिका की अलग-अलग स्थानों में पक्षी शिकार रोकने के लिए स्थानीय लोगों के  द्वारा व्यापक व्यवस्था किया गया है।

2. सतपड़ा डॉल्फिन  / Dolphin Point Satapada in Hindi

सतपड़ा का अर्थ है- सत यानी कि 7 और पड़ा अर्थ है गांव यानी कि 7 गांव का समूह। सतपुड़ा को डॉल्फिन  गढ़ कहते हैं।
Odisha की चिलिका झील अपनी इरावती डॉल्फ़िन / शिशुमार के लिए जानी जाती है, जो हर वर्ष बहुत संख्या  में पर्यटकों को अपने तरफ आकर्षित करती है। वहां की अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने 2021 में चिलिका झील में 188 डॉल्फ़िन की गिनती की थी, जिनमें 162 इरावदी डॉल्फ़िन और 26 बॉटलनोज़ डॉल्फ़िन शामिल हैं। पिछले साल यानी कि 2020 में चिलिका  झील में 163 डॉल्फ़िन की गिनती किया गया था  उनमें से – इरावदी डॉल्फिन 146  और  बॉटलनोज़ 17 दिखाई दीथी। इस साल डॉल्फिन की संख्या में कुछ बढ़ोतरी हुई है।
दूर-दूर से लोग चिलिका की डॉल्फिन देखने के लिए आते हैं। सतपड़ा सिलिका की डॉल्फ़िन केंद्र माना जाता है।

3. मंगला जोड़ी चिलिका झील -Mangalajodi Chilika Lake In Hindi

मंगला जोड़ी नाम जुड़वा मंदिर के नाम पर रखा गया है। 250 साल की पुरानी मंदिर रघुनाथ मंदिर यहां पर स्थित है ।मंगलाजोड़ी ओडिशा में चिलिका  झील के उत्तरी किनारे पर स्थित एक गाँव है।


यहां की दलदली पानी में 3 लाख से अधिक पक्षि रहते हैं,  खासकर सर्दियों दिनों  में। मंगलाजोड़ी अपनी तरह के एक परिसंस्था( ecosystems ) का भी प्रतिनिधित्व करता  है । यहां पक्षी सरीसृप  के लिए खाने की कोई कमी नहीं है   । इसीलिए यह मंगला जोड़ी को ओड़ीसा की The birds paradise भी कहते हैं। जिसका संरक्षण एक स्थायी जीवन शैली द्वारा किया जाता है जो शहरी व्यवस्था में विलुप्त होने के कगार पर है।

4. चिलिका झील की फ्लोरा एंड फौना – Flora And Fauna At Chilika Lake In Hindi

चिलिका  की फ्लोरा  फौना जंगल में पशु पक्षी काफी मात्रा में पाए जाते हैं।  सुनहरा सियार , काला हिरण, हाइना, चित्तीदार हीरन आदि दुर्लभजी बिहार दिखाई देते हैं। यहां की जालिया क्षेत्र में मछली की 225 से भी अधिक प्रजाति पाए जाते हैं। यह की डॉल्फिन  काफी प्रसिद्ध है।

5. कालिजाई मंदिर – Kalijai Temple Chilika Orissa In Hindi

चिलिका की और एक आकर्षण इसकी कालिजाई मंदिर है। यह मंदिर चलिका  की एक द्वीप पर स्थित है। इस मंदिर में देवी मां काली जी की पूजा की जाती है। आप इस द्वीप पर नौका के जरिए पहुंच सकते हैं और महाकाली के दर्शन कर सकते हैं। जनवरी के महीने में यानी कि मकर सक्रांति के समय बहुत वक्त और यात्री यहां आते हैं और मकर मेला धूमधाम से मनाते हैं।


यहां की स्थानीय लोगों के अनुसार इस मंदिर की एक लोककथा है जो काफी प्रसिद्ध है। सानिया लोग कहते हैं-  काफी सालों पहले सानिया लोग कहते हैं-  काफी सालों पहले 

चिलिका के द्वीप समूह /चिलिका झील के अंदर कितने द्वीप  हैं? (Chilika lake all Details in Hindi)

चिलिका में अवस्थित है। उनक  से मूख्य द्वीप सारे हैं- सोमोलो द्वीप(somolo), हनीमून द्वीप ( Honeymoon ) , कालिजाई द्वीप, नलबन द्वीप, ब्रेकफास्ट द्वीप(Breakfast), बीकन द्वीप इसके अलावा परिकूद, मालूद, बरण कूद और पक्षी द्वीप आदि प्रसिद्ध द्वीप सारे है।


आशा करता हूं आप चिलिक झील के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त करे होंगे। 

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