व्लादीमीर लेनिन जीवन परिचय – Lenin Biography In Hindi

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Hello दोस्तों, आज इस आर्टिकल में बात करने जा रहे हैं इतिहास का एक रिवॉल्यूशनरी नेता Linin Biography in Hindi के बारे में . जी हां दोस्तों व्लादीमीर लेनिन के जीवन परिचय के बारे में पूरी जानकारी यह आर्टिकल में दी जाएगी उम्मीद करता हूं आपको यह आर्टिकल पसंद आएगा.

व्लादिमीर लेनिन इतिहास का सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे. उन्होंने 54 वर्षीय जीवन काल में एक देश को सेटअप किया था. वह एक क्रांतिकारी नेता थे। पूरी रसिया उनके पीछे चलती थी।

ज्यादा समय ना गवाते  हुए चलिए शुरू करते हैं यह व्लादीमीर लेनिन जीवन परिचय वाली यह छोटी सी आर्टिकल को .

व्लादीमीर लेनिन जीवन परिचय – Lenin Biography In Hindi.

व्लादीमीर लेनिन के समय रूस में जार  का शासन चल रहा था . जार का अर्थ है सबसे अधिक समय शासन करने वाले शासक को जार कहा जाता था .

उस समय जार सम्राट निकोलस द्वितीय का निरंकुश शासन पूरे रूस में चल रहा था। निरंकुश होने के साथ-साथ जार अयोग्य , रूढ़िवादी, कठोर, अदूरदर्शी, अत्याचारी था । शासक पहले अपने स्वार्थ को ही देखता था जनता जाए भाड़ में, इसलिए पूरे रूस के जनता

जन्म

व्लादीमीर लेनिन का जन्म 10 अप्रैल 1870 में वोल्गा नदी के तट पर स्थित  Simbirsk (Russia) में हुआ था। उनका बचपन का नाम व्लदिमिर इल्यिच उल्यानोव था जो अपने माता पिता के चौथे संतान थे। बहुत अच्छे फैमिली से बिलोंग करते थे। व्लादिमीर लेनिन के तीन भाई और तीन बहने थी.

शिक्षा

लेनिन ने कज़ान विश्वविद्यालय में कानून का अध्ययन किया लेकिन केवल तीन महीने बाद उन्हें निष्कासित कर दिया गया। लर्निंग कट्टरपंथी थे। निष्कासित होने के बावजूद, उन्होंने कानून की परीक्षाओं में शीर्ष रैंकिंग हासिल की और उन्हें 1891 में कानून की डिग्री से सम्मानित किया गया।

प्रारंभिक जीवन

पढ़ाई के बाद वह सेंट पीटर्सबर्ग चले गए और वहां वह बहुत सारे क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होते रहे। लेकिन इनकी क्रांतिकारी गतिविधियों को देखकर रूस के जार सम्राट 1897 से 1900 तक देश से निर्वासित कर दिया था. उन्हें पकड़कर जेल में भी कैद कर दिया गया था.

क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल होने के कारण उन्हें अपने नाम वास्तविक नाम छुपाना पड़ा और वह कई उपनाम से जाने गए। अंततः 1901 में वह लेनिन नाम से पहचाने गए, अंतः  यह नाम प्रयोग करते रहे।

1907 के बाद लेनिन को रूस में रहना और सुरक्षित लगने लगा इसलिए वह पश्चिम यूरोप चले गए थे। स्विजरलैंड में रहकर जर्मन सैनिकों को रूसी सैनिकों की प्रयासों को कमजोर करने के लिए मदद कर रहे हैं ऐसा आरोप लगाया गया , लेनिन को अक्सर एक जर्मन का जासूस के नजर से देखा गया ।  इसी कारण से उनके ऊपर दो आत्मघाती हमले भी हुए थे।

लेनिन अपने उग्रवादी विचारों को समाचार-पत्रों के माध्यम से जनता तक पहुंचाने का कार्य जारी रखें । लेनिन ने ”इस्क्रा” नामक समाचार-पत्र का सम्पादन किया था , जिसके क्रांतिकारी  विचार पढ़कर जार शासन प्रति रूस की जनता का खून खौल उठता था । इस्क्रा के माध्यम से लेनिन ने क्रान्ति का बिगुल बजा दिया था ।

1905 में रूस में फिर से  क्रांति की शुरू हुई , उस प्रयास असफल रहा. किंतु वहां चुप नहीं बैठे बहुत सारी गतिविधियां करते रहे. सन 1917 में उन्होंने रूस के पुननिर्माण योजना बनाई  इसमें बहुत सफल हुए.

लेनिन ने 1917 में केरेन्सकी की सरकार  पलट दी और वह सत्ता में आ गए, इसके बाद  लेनिन अपने अध्यक्षता में सोवियत सरकार का स्थापना किया और कड़े अनुशासन के साथ देश में नियंत्रण रखा। देश को विकसित करने के लिए अनेक प्रयत्न किया था।

लेनिन कार्ल मार्क्स के ऊपर काफी प्रभावित थे। मार्क्सवाद की नीतियों को अपने अस्त्र बनाकर चलते थे। लेनिन का विश्व इतिहास में एक अलग ही पहचान है। उन्होंने रूस की काया पलट करके पूरे दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया.

लेनिन की वैवाहिक जीवन

22 July 1898 को व्लादीमीर लेनिन ने एक क्रांतिकारी लड़की Nadezhda Krupskaya के साथ विवाह किया था. लेनिन की हार क्रांतिकारी प्रयास और राजनीतिक कार्यों में उनके साथ खड़े रहे . नादेज़्दा कोंस्टेंटिनोव्ना क्रुपस्काया भी सोवियत सरकार में एक बड़े अधे में थे.

सोवियत सरकार बनाने के पश्चात लेनिन ज्यादा समय शासन नहीं कर पाए. बस 54 वर्ष की उम्र में ही उनकी मृत्यु हो गई थी. इसके बाद स्टालिन उनके कार्यभार को अपने हाथ में लिए थे.

लेनिन की मृत्यु

1 जनवरी 1924 को इतिहास की एक क्रांतिकारी नेता लेनिन की मृत्यु हो गई. रूस में सभी अक्षर का 1991 तक चला. फिर उनकी सरकार गिर गई

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