भारत की वार्षिक योजनाएं | Five-Year Plans of India in Hindi

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एक परिवार की सुपरिचालना के लिए व्यक्ति जिस तरह से योजना करता है वैसे ही एक स्वाधीन और उन्नत राष्ट्र गठन के लिए निर्दिष्ट योजना आवश्यक है। एक आधुनिक समाज गठन, दारिद्रय दूरी करण, विज्ञान और कारीगोरी सदुपयोग एवं स्वावलंबीसिलता हासिल करना ही भारत के योजना का मूल उद्देश्य होता है । एक निर्दिष्ट योजना कार्यकारी करने के लिए आवश्यक होता है पैसा। कोई भी देश की प्रगति योजना के ऊपर ही निर्भर करता है। Year 1951 भारत में पंचवार्षिक योजना कार्यकारी होकर आ रहा है। हर 5 वर्ष के लिए एक योजना कार्यकारी होने के कारण इसे पंचवार्षिक योजना कहते हैं।

Year 1939 मैं द्वितीय विश्व युद्ध आरंभ हुआ था और 945 में समाप्त। इस सीमित समय के अंदर पृथ्वी के सारे देशों की आर्थिक परिस्थिति खराब हो गया था। युद्ध के कारण नए-नए समस्या की सामना करना पड़ा था। इस युद्ध की भयानक परिस्थिति से निकाल के एक नए पृथ्वी सृष्टि करने के लिए योजना प्रस्तुत कर आ गया था। विभिन्न  देश में योजना प्रस्तुत किया जाता है देश को उन्नत मार्ग में आगे बढ़ाने के लिए।  भारत में शासन अंग्रेज सरकार के हाथ में था वह लोग भी योजनाएं भारत को के लिए बनाते थे। भारत 1947 स्वाधीन हुआ था फिर भारत के सर-भूत उन्नति के लिए स्वाधीन सरकार पंचवार्षिक योजना प्रस्तुत किया था।

प्रथम पंचवर्षीय योजना

Year 1951 अप्रैल में आरंभ हुआ और 1956 मार्च में समाप्त हुआ था प्रथम पंचवार्षिक योजना। जब इंग्लिश शासन था भारत में कृषि की कोई विकास नहीं हुआ था। उस समय शिक्षा व्यवस्था भी अपनी उन्नत नहीं था। इसलिए इस योजना में कृषि के ऊपर अधिक गुरुत्व दिया गया था। इसके साथ-साथ शिक्षा के प्रगति के लिए भी महत्व दिया गया था । इस योजना काल के अंदर हीराकुद बांध योजना मयूराक्षी योजना दामोदर नदी बांध योजना कार्यकारी हुआ था। विशाखापट्टनम में जहाज निर्माण कर खाना प्रतिष्ठा किया गया था। जल सिंचाई शिक्षा कुटीर शिल्प निर्मित विशेषता दृष्टि दिया गया था।

द्वितीय पंचवार्षिक योजना

इसके बाद 1950 6 अप्रैल में द्वितीय पंचवर्षीय योजना कार्यकारी हुआ था और 1962 मार्च में समाप्त हुआ था। जाति आय वृद्धि के साथ भारत की शिल्पा समृद्धि करने के लिए शिल्प के ऊपर गुरुत्व प्रदान किया गया था एवं एवं कर्मसंस्थान  दिलाने के लिए इस योजना का लक्ष्य था इस योजना में 4500 करोड़ रुपए खर्च करने के लिए व्यवस्था किया गया था। इस समय में दुर्गापुर राउरकेला और भिलाई लोहा और इस्पात कारखाना प्रतिष्ठा किया गया था। इसके अलावा राष्ट्रीय आय वृद्धि पंचायत शासन शुरू किया गया था स्टेट बैंक और जीवन बीमा कंपनी राष्ट्रीयकरण एवं बेकार समस्या समाधान के लिए कुछ उल्लेख जोगिया कदम ग्रहण कर आ गया था।

तृतीय पंचवार्षिक योजना

इसकी योजना 1960 2 अप्रैल में आरंभ होकर 1960 6 मार्च में समाप्त हुआ था। भारत की अर्थनीति विकास इस योजना का प्रधान लक्ष्य था। इसमें प्रायर 10600 करोड रुपए खर्च के लिए रखा गया था। खाद्य स्वास्थ्य उत्पादन वृद्धि करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य था। देश की आर्थिक व्यवस्था दूरी करण के लिए व्यवस्था किया गया था। लेकिन पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध प्राकृतिक द्विपक्षीय के कारण इस योजना विशेष रुप से ज्यादा सफल हो नहीं पाया । दूसरी तरफ भारत में मुद्रास्फीति देखा गया था।

      वार्षिक योजना: तृतीय पंचवर्षीय योजना के बाद वार्षिक योजना – 1966-67,1967-68, 1968-69 कार्यकारी किया गया था।

चतुर्थ पंचवार्षिक योजना

1969 अप्रैल में आरंभ हुआ था यहां योजना और 1974 मार्च में समाप्त हुआ था। खाद्य पियो मेरे देश को निर्भर सील करके बेकार समस्या दूरी करण के लिए यह योजना का विशेष गुरुत्व था। 23750 करोड़ों रुपए खर्च के लिए रखा गया था लेकिन इस समय भारत अमेरिका से जो आर्थिक सहायक पता था हटात वह बंद हो गया। बांग्लादेश को सहायता करने के कारण भारत आर्थिक संकट का सामना किया था। इसलिए चतुर्थ पंचम वार्षिक योजना ठीक रूप से कार्यकारी नहीं हो पाया। इसके कारण देश में मुद्रास्फीति देखा गया था। बेकार समस्या अर देखा गया था ।

पंचम वार्षिक योजना

इस योजना 1974 से आरंभ होकर 1979 में समाप्त हुआ था। इसमें 63751 करोड़ रूपया खर्च करने के लिए रखा गया था । कारखाना , इलेक्ट्रिक, खड़ी  कृषि, सिंचाई एवं शिक्षा के विकास करना  यह योजना का मुख्य लक्ष्य था। मुद्रास्फीति को रोकना एवं जन्म नियंत्रण व्यवस्था कडाकडी रूप से  कार्यकारी करना इसके ऊपर काम किया गया था

     वार्षिक योजना: इसके बाद 1979-80 मैं वार्षिक योजना कार्यकारी हुआ था।

छठी पंचवार्षिक योजना

1980 मैं यह योजना आरंभ होकर 1985 मैं इस योजना समाप्त हुआ था। परवर्ती योजनाओं की अपेक्षा इस योजना अधिक आवर्तन और गतिशील था इसलिए यह योजना को आवर्तन योजना कहा जाता है। इसके कारण प्रतिवर्ष योजना निर्धारित ओके साल के आरंभ में एक एक ब्लूप्रिंट प्रस्तुत किया गया फुल तो इस योजना काल के अंदर भारत से गरीबी बेकारी समस्या समाधान के ऊपर गुरुत्व दिया गया था। इसके अलावा गरीबी जनसाधारण के लिए अर्थनीति मानव दंड वृद्धि करने के लिए कदम बढ़ा है आ गया। भूमिहीन लोगों के लिए भूमि बंटन व्यवस्था कर आ गया था। ग्राम अंचल में पानी जाल जो गाने का  व्यवस्था ,रास्ता कार्ड बनाने का व्यवस्था, बुजुर्ग लोगों के सिख्या विकास एवं शास्त्र रक्षा प्रति भी विशेष ध्यान दिया गया था। प्रतिवर्ष योजना संपर्क में समीक्षा करके आगामी वर्ष के लिए किस प्रकार का कदम लेना चाहिए उस बारे में भी काम घर आ गया था। इसके कारण योजना काल के अंदर भारत की अनेक उन्नति हुआ था।

7 वी पंचवार्षिक योजना

आधुनिक समाज गठन करना, गरीबी हटाना, विज्ञान और कारीगरी की सर्वाधिक सदुपयोग एवं सभी क्षेत्रों में स्वावलंबनसिलता हासिल करना इस योजना का लक्ष्य था। 2000 मसीहा तक जनसाधारण की मौलिक आवश्यकता पूर्ण करके स्वचालित अभिवृद्धि हासन करने के उद्देश्य में अनुकूल परिवेश सृष्टि करना सप्तम योजना का लक्ष्य था। अर्थनीति अभिवृद्धि हार साकड़ा 5 भाग मैं स्थिर रखना इस योजना का लक्ष्य रखा गया था। कर्मन नियुक्ति क्षेत्रों में शर्मा शक्ति तुलना मैं जिस तरह निजुक्ति सुजोक और बुद्धि अधिक होगा इसके प्रति गुरुत्व दिया गया था। कृषि तथा सिंचाई कि प्रसार के लिए दृष्टि दिया गया था। बेहद जाए तो यह योजना मुख्यतः एक कर्मसंस्थान बुनियादी   योजना था ।

8 वी पंचवार्षिक योजना

1992 प्रिंसेस 1997 मार्च तक कार्यकारी हुआ था भारत का अष्टम पंचवर्षीय योजना। रोजगार क्षेत्र का विकास इस योजना का मुख्य उद्देश्य था। रोजगार योजना कार्यकारी के लिए गुरुत्व दिया गया था। 345,000 करोड़ रूपीस से 355,000 करोड़ तक खर्च करने के लिए बजट बनाया गया था। रब्बानी क्षेत्रों में भी वार्षिक अंततः सटकड़ा 10 हार  वृद्धि के लिए अष्टम योजना में लक्ष्य लिया गया था। मुद्रास्फीति को कम करना, कीमतों की नियंत्रण करना, बेकारी समस्या समाधान करना इसके ऊपर अधिक गुरुत्व दिया गया था।

9 वी पंचवार्षिक योजना

इसकी कार्यकाल था 1997 से 2002 तक। इस योजना में कृषि, ग्रामंचल उन्नति तथा गरीबी हटाने के ऊपर गुरुत्व दिया गया था. पीने की पानी, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक प्राथमिक शिक्षा और रहने का मकान देना इसका लक्ष्य रखा गया था। जनसंख्या वृद्धि नियंत्रण, परिवेश सुरक्षा और विकास इस नवम पंचवर्षीय योजना का अन्यतम लक्ष्य था।

दसवीं पंचवर्षीय योजना

इस योजना काल के अंदर वार्षिक 8% अभिवृद्धि लक्ष्य लिया गया था । बे सरकारी अनुष्ठान क्षेत्रों में 50 00000 नया रोजगार सृष्टि इसका अलग लक्ष्य था। गरीबी अनुपात 26% से 21% को कम होकर आ गया था, साक्षरता हार 75%  वृद्धि हुआ था एवं शिशु मृत्यु हार 45% काम हो गया था यहां इस योजना का विशेष लक्ष्य था


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