सूर्य के बारे मेें रोचक जानकारी | facts about Sun in Hindi

Published by Dakshya on

Facts about Sun in Hindi :- नमस्कार दोस्तों, यह आर्टिकल में हम बताने वाले हैं सूर्य के बारे में कुछ अनोखे तथ्य जो आपको जरूर पसंद आएगी और यदि आप रात को सोते हैं और सुबह उठना चाहते हैं तो देखते हैं कि सूरज गायब हो चुका है यानी कि सूरज को कोई उसकी जगह से हटा दे तो धरती पर उसका असर क्या होगा, उसके बारे में भी बात करेंगे।

किसी के लिए सूरज एकमात्र तारा है तो किसी के लिए यह भगवान, लेकिन जो भी हो यहां आग का गोला हमारी धरती और यहां पर रहने वाले जीवो के लिए महत्वपूर्ण है। सूरज के बिना धरती में जीवो की स्थिति असंभव है।

सूरज सूर्य मंडल की केंद्रों में स्थित और धरती की सबसे नजदीकी तारा है। यह धरती से लगभग 149.6 मिलियन किलोमीटर दूर स्थित है। सूर्य मंडल में स्थित बाकी ग्रहों की तरह पृथ्वी भी सूरज की परिक्रमा करती है।

हिंदू धर्म में सूर्य को एक देवता के रूप में पूजा जाता है। सूरज के प्रकाश के बिना धरती में जीवो की स्थिति संभव नहीं है इसलिए प्राचीन काल से ही लोग सूर्य की महत्व को समझते हैं।

सूर्य की उत्पत्ति कब हुई थी ।


वैज्ञानिकों की गणना के अनुसार सूर्य की उत्पत्ति आज से लगभग 4.54 बिलियन वर्ष पहले बिग बैंग के कारण हुई है। सूर्य एक तारा है जो सूर्य मंडल के केंद्र में स्थित है। सूर्य ऊर्जा से भरा एक स्रोत है। सूर्य की वर्तमान की आयु वैज्ञानिकों ने 4.603 बिलियन साल बताएं है।

वैज्ञानिक कहते हैं एक बहुत बड़े घूमते हुए गैस और धूल के बादल थे, उसे सोलर नाब्युला कहा जाता था, इसी से ही सूरज और बाकी सूर्य मंडल में जितने भी ग्रह और तारे हैं उसका जन्म हुआ था।

सूरज में वर्तमान इतना न्यूक्लियर इंधन है कि वह अगले 5 बिलियन सालों तक ऐसे ही जलता रहेगा, इसके बाद सूरज एक लाल दानव के रूप में बड़ा होता जाएगा और एक दिन फट जाएगा या तो एक टिमटिमाने वाला ठंडा पिंड बन जाएगा।

सूर्य की अध्ययन किया गया है कि करीब 74% हिस्से में हाइड्रोजन भरी हुई है और 24% हिस्से में हीलियम और बाकि के हिस्से में ऑक्सीजन, कार्बन आदि हैं.

हर एक सेकंड में सूर्य से एक परमाणु बम जितनी ऊर्जा निकलती रहती है। सूर्य केवल गया से बना हुआ एक पिंड है या धरती की तरह ठोस नहीं है।

Top 10 Facts About Sun in Hindi.

• सूर्या पृथ्वी से लगभग 109 गुना बड़ा है और बृहस्पति से लगभग 10 गुना बड़ा है।

• सूरज लगभग 10 लाख(1 मिलियन) पृथ्वी को अपने अंदर ले सकती है।

• सूर्य पृथ्वी से 93 मिलियन मील(150 लाख किलोमीटर) दूर है।

• सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश आने में लगभग 8 मिनट 20 सेकंड लगते हैं ।

• सूर्य पर जीवन बसाया नहीं जा सकता लेकिन इसकी ऊर्जा से पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।

• पृथ्वी से दिखाई देने वाला सूर्य का वह भाग जिसे हम सतह कहते हैं – वह प्रकाश मंडल है। सूर्य का कोई ठोस सतह नहीं है क्योंकि यह एक प्लाज्मा का गोला है।

• सूरज का जो भाग दिखाई देता है उसका तापमान 5500 डिग्री सेल्सियस है। न्यूक्लियर पत्रिकाओं के कारण उसके कोर भाग का तापमान लगभग 15 मिलियन डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

• पृथ्वी की तरह सूर्य के पास कोई चंद्रमा नहीं है, लेकिन इसके पास आठ ग्रह, कम से कम पांच बौने ग्रह, इसके आसपास हज़ारों क्षुद्रग्रह और शायद तीन ट्रिलियन धूमकेतु और बर्फीले पिंड है, यह सब सूर्य की परिक्रमा करते आ रहे हैं।

• 1 दिन ऐसा आएगा सूरज ही हमारे पृथ्वी के लिए खतरा बनेगा उस दिन सूरज पृथ्वी को  निकल जाएगा एक लाल दानव का रूप लेकर .

• सूरज से निकला पेंसिल की नोक जैसा छोटा सा कंण पृथ्वी से जीवन को समाप्त करने की ताकत रखता है। तो सोचिए पूरा सूरज पृथ्वी की क्या हालत कर सकता है। सूरज पृथ्वी में जीवन कायम रखने का एक स्रोत ही है और विनाश करने की क्षमता भी रखता है।

सूर्य की गुरुत्वाकर्षण शक्ति.

सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र आमतौर पर पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से लगभग दोगुना शक्तिशाली होता है। हालांकि, यह छोटे क्षेत्रों में अत्यधिक केंद्रित हो जाता है, जो सामान्य से 3,000 गुना अधिक मजबूत होता है। चुंबकीय क्षेत्र में ये किंक और मोड़ विकसित होते हैं क्योंकि सूर्य उच्च अक्षांशों की तुलना में भूमध्य रेखा पर अधिक तेजी से घूमता है और क्योंकि सूर्य के आंतरिक भाग सतह की तुलना में अधिक तेजी से घूमते हैं।

सूरज की गुरुत्वाकर्षण बल इतनी है कि छह अरब दूर रहने वाले प्लूटो ग्रह को भी अपनी चारों ओर घूमने के लिए मजबूर कर देता है।

सूरज के गुरुत्वाकर्षण बल धरती के गुरुत्वाकर्षण बल से लगभग 27 गुना ज्यादा है। इसीलिए बहुत सारे ग्रह और बाकी सूरज के चारों ओर घूमते रहते हैं।

सूर्य और पृथ्वी की दूरी बदलती रहती है.

पृथ्वी और सूर्य की दूरी बदलती रहती है क्योंकि पृथ्वी सूरज के चारों ओर एक अंडाकार के आकार में घूमती रहती है। दोनों के बीच की दूरी 147 से 152 मिलियन किमी (91 से 94 मिलियन मील) तक है। इन दोनों की बीच की दूरी one Astronomical Unit (AU) है।

कैसे पृथ्वी के लिए खतरा है सूर्य


आज से करीब 5 अरब साल बाद सूरज अभी के मुकाबले 40 गुना अधिक चमकने लगेगा। धरती की ताप मात्रा बढ़ जाएगी जिससे पृथ्वी के सागर, महासागर, नदियों के पानी भाप बनकर उड़ जाएगी।

सूरज अपने अंतिम समय में एक लाल दानव के रूप ले लेगा और खेलता चलेगा जिससे उसके आगे में आने वाले ग्रहों नक्षत्रों को निकलता जाएगा जिससे उसके आगे आने वाले सभी ग्रह उसके अंदर समा जाएगी जिनमें हमारा पृथ्वी जी भी एक है।

सूर्य अचानक गायब हो जाए तो पृथ्वी का क्या होगा


अचानक सूर्य गायब हो जाए तो पृथ्वी पर अंधकार छा जाएगी. पृथ्वी में रहने वाले  सारे जीव, पेड़ पौधे को ऊर्जा प्रदान करता है सूर्य इसलिए सूर्य को जीवन का आधार माना जाता है।

सूरज से आने वाली ऊर्जा पेड़ पौधों को नहीं मिलेगा जिसके कारण वह आलोक संश्लेषण नहीं कर पाएंगे और एक भूखे जीब की तरह मारने लगेंगे।

कुछ सालों बाद पृथ्वी एक ठंडा आकार के गोला में परिणत हो जाएगा, यहां की सारी नदी सागर महासागर बर्फ में जम जाएगी और देखते-देखते पूरी पृथ्वी बर्फ मेंढक जाएगी,  इससे यह संभव है कि इसमें कोई भी प्राणी जिंदा नहीं रह सकेगा। सूरज ना होने के कारण पृथ्वी भटकता रहेगा . इससे यह होगा कि पृथ्वी किसी अन्य ग्रहों के साथ टकरा जाएगा यह तो किसी तरह के अंदर समा जाएगा.

एक ही था दोस्तों सूर्य के बारे में कुछ अनोखे जानकारी जो आपको जरूर पसंद आई होगी आशा करता हूं ऐसे ही जानकारी आपको देखता रहूं, आप भी सूर्य के बारे में कुछ अनोखे जानकारी जानते हैं तो कृपया कमेंट करके जरूर बताइएगा. आपकी अनमोल विचार हमारी कमेंट सेक्शन में स्वागत है।

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