अब्राहम लिंकन जीवन परिचय | Abraham Lincoln Biography in Hindi

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Abraham Lincoln biography in hindi

अब्राहम लिंकन एक गरीब परिवार में जन्म हुए थे वह अमेरिका के 16 वें राष्ट्रपति बने थे। अपने 4 साल के राष्ट्रपति की करियर में उन्होंने अमेरिका की गुलामी प्रथा से वहां के लोगों को मुक्त कराए थे। वह कहते थे जात-पात, गोरे-काले, सब लोग एक समान है ।

तो चलिए दोस्तों एक गरीब परिवार में जन्मे अब्राहम लिंकन कैसे बने अमेरिका के इतने बड़े राष्ट्रपति। इसी सवाल का जवाब हम यहां आर्टिकल में जानेंगे तो ज्यादा समय ना कब आते हुए शुरू करते हैं यह आर्टिकल जिसका नाम है अब्राहम लिंकन के जीवन परिचय

अब्राहम लिंकन के राष्ट्रपति के कार्यकाल 1861 से लेकर 1865 तक रहा लगभग वह 4 साल तक अमेरिका के राष्ट्रपति रहे. वह रिपब्लिकन पार्टी के थे. लिंकन ने सबसे बड़े खतरे (गृहयुद्ध) से अमेरिका को पार करवाया था. उन्हें अमेरिका की दास प्रथा हटाने का श्रेय अभी दिया जाता है। वह पहले रिपब्लिकन पार्टी से थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति बने।

अब्राहम लिंकन अपने जीवन काल में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। वह 31 वें साल की उम्र में अपनी बिजनेस में फेल हुए और 32 वें साल में वो state legislator का चुनाव हार गया थे। इसके बाद वह और एक बिजनेस शुरू किए उसमें भी फेल हुए थे।

अब्राहम लिंकन के जीवन परिचय – (Abraham Lincoln Biography in Hindi)

अब्राहम लिंकन का जन्म 12 फरवरी 1809 को अमेरिका के केंटुकी के हार्डिन काउंटी में एक लकड़ी के बने घर में हुआ था. उनके पिता थे थॉमस लिंकन जो एक किसान थे और माता नैंसी लिंकन थे।  वह अपने पढ़ाई घर पर ही किए थे। एक गरीब परिवार के होने के कारण उनके पिता पैसे के लिए बहुत संघर्ष किए थे।

अब्राहम लिंकन के बचपन समय

जब अब्राहम लिंकन 6 साल के हुए तब उन्हें स्कूल भेजा गया लेकिन पिता करीब होने के कारण ज्यादा दिन स्कूल में पढ़ नहीं सके. वह घर में ही पढ़ाई शुरू किए और अपने पिता के कार्य में हाथ बंटाने लगे.

घर की आर्थिक परिस्थिति को देखते हुए अब्राहम लिंकन बचपन से ही मजदूरी, खेतों में काम करना शुरू किए इसके साथ घर में ही अपनी पढ़ाई जारी रखा।

अब्राहम लिंकन जब बचपन थे तभी उनका मां का देहांत हो गया था तब वह सिर्फ 9 साल के थे। मां के गुजर जाने के बाद उनके पिता ने एक विधवा के साथ दूसरी शादी कर ली. सौतेली मां से लिंकन को बहुत प्यार मिला और उनका मार्गदर्शन क्या. सौतेली मां काफी पढ़ी लिखी थी। उन्होंने अब्राहम की पढ़ाई लिखाई के ऊपर ध्यान दिया।

अब्राहम लिंकन पढ़ाई में बहुत अच्छे थे. उन्हें किताब पढ़ना बहुत अच्छा लगता था. किताब पढ़ने के लिए वह मिलो दूर पैदल चले जाते थे. दोस्तों से लोगों से किताब मांग कर पढ़ते  थे.   उनका प्रिय पुस्तक में “द लाइफ ऑफ जॉर्ज वॉशिंगटन” सबसे प्रिय पुस्तक था.

एक किस्सा सुनाता हूं –  लिंकन मजदूर की तरह लोगों के खेतों में काम किया करते थे तभी उन्हें पता चला कि एक किसान के पास जॉर्ज वाशिंगटन की जीवनी की एक किताब है. उस किसान से वह किताब ले आए और बड़े लगन से पढ़ने लगे. दूसरों की किताब होने के कारण उसका अच्छे से ध्यान रखते थे.

एक दिन बारिश में पुस्तक भीग गई जिससे अब्राहम बहुत दुखी हो गए, वह उस पुस्तक को लेकर किसान के पास गए . उस पुस्तक को देखकर किसान लिंकन के ऊपर बहुत अप्रसन्न हुए थे. उसने उस पुस्तक का मूल्य मांगा. लेकिन लिंकन के पास उस पुस्तक का मूल्य चुकाने के लिए पैसा नहीं था. इसके लिए उन्होंने उस किसान के खेतों में बिना कुछ लिए 3 दिनों तक काम करना पड़ा. 

हर्जाना चुकाने के लिए लिंकन ने 3 दिन तक बिना पैसे लिए काम किए थे. उन्हें पैसों के बदले वह भीगी हुई किताब मिला था जो आज उनके लाइब्रेरी में सजा के रखा हुआ है .

व्यायाम के ऊपर ध्यान

जब अब्राहम लिंकन को 15 साल हुई तब वह व्यायाम के ऊपर अधिक ध्यान देने लगे. व्यायाम से शरीर को बहुत मजबूत बना लिया. और वह एक धनी किसान के खेतों पर काम करने लगे। खेतों के साथ-साथ  घर में भी काम क्या कर देते थे। उनके शरीर में काफी फुर्ती थी वह हर काम शीघ्र कर देते थे।

वकील बने अब्राहम लिंकन

घर के काम अच्छे से निपटा देते थे इसी कारण से वह धनी किसान ने अपने बेटे के साथ अब्राहम को एक लंबी यात्रा पर भेज दिया.  ओहिया और मिसीसिपी नाम की नदियों में होकर नाव में जा रहे थे. इस यात्रा में उन्होंने देखा कि एक कपास के खेतों में कुछ गुलामों को बुरी तरह से काम करवाया जा रहा था.

उस यात्रा से लौटकर ओवर हो कानून का अध्ययन किया और  वकील बन गये. लिंकन ने आपने इलीनाय राज्य के स्प्रिंगफील्ड में वकालत करना प्रारम्भ कर दिया. समाज में चलती आ रही दास प्रथा और लोगों के ऊपर अत्याचार को देखकर उनके मन में काफी दुख हुआ.

यात्रा से लौट कर हम की एक दुकान पर नौकरी लग गई वहां से ही वह कानून की अध्ययन किया करते थे. दुकान में नौकरी करने के साथ उन्हें लॉ की पढ़ाई के लिए भी समय मिल जाता था.  लॉ की पढ़ाई के समय ही उन्हें पता चला कि नदी के उस तरफ एक गांव है जहां एक रिटायर जॉर्ज रहते हैं उनके पास लॉ की बहुत सारे किताबें हैं।

पुस्तक पढ़ने के लिए करना पड़ा था काम

अब्राहम ने किताब पढ़ने के लिए उस रिटायर जज के पास जाने का तय किया. जब वह जा रहे थे तब बहुत ठंड पड़ रही थी। ठंड की परवाह ना करते हुए अब्राहम ने वह बर्फीले नदी पर अपनी नाव उतार दी और आगे बढ़ने लगे. कुछ दूर जाने के बाद उनकी नाव एक बर्फीले चट्टान पर टकरा गए और वह पानी में गिर गए फिर भी वह हार नहीं मानी,  तैरकर नदी पार होकर उस रिटायर जॉर्ज के घर पहुंच गए

जॉर्ज के पास एक लाइब्रेरी थी. वहां की किताब पढ़ने के लिए लिंकन ने जॉर्ज से बहुत मिन्नतें की. लिंकन की लगन और चाहत को देखते हुए जज ने अपनी सारी किताब पढ़ने के लिए अनुमति दे दी.

लिंकन को किताब पढ़ने के लिए भी करना पड़ा था काम क्योंकि उस समय जॉर्ज के घर का नौकर छुट्टी पर था इसीलिए घर के काम और रिटायर्ड जज की हर जरूरती काम करने के लिए खुशी खुशी मान गए थे लिंकन, इसके बदले उन्हें अपने मनपसंद पुस्तक पढ़ने की अनुमति मिलती थी।

अब्राहम लिंकन ने सन 1844 में  विलियम हेर्नदों के साथ वकालत की प्रशिक्षण कया . ट्रेनिंग के कुछ समय बाद वह  वकील बन गए, वकालत से बहुत ज्यादा पैसे नहीं कमाए थे. लिंकन वकालत करने के लिए उन लोगों से इतना पैसा नहीं लेते थे जो उनकी ही तरह गरीब थे.

अब्राहम लिंकन का विवाह

1843 में अब्राहम लिंकन ने विवाह किया . मेरी टाॅड नामक एक लड़की उनकी पत्नी बनी। लोग मेरी टाॅड को एक नचड़ी, घमंडी लड़की कहते थे।  मेरी टाॅड बारे में लेकर एक बात कहा गया है कि वह हमेशा कहती थी की ” मैं उसी पुरुष से विवाह करूंगा जो अमेरिका के राष्ट्रपति बनेगा” । इस बात को लेकर लोग हमेशा उसका मजाक उड़ाया करते थे। लोग यह कहते हैं कि लिंकन की पत्नी बात बात पर लिंकन से झगड़ा किया करते थे और उन्हें  बिल्कुल सम्मान नहीं देती थी।

मेरी टाॅड के 4 बच्चे हुए थे। लेकिन उनमें से केवल एक बच्चा है जीवित रह पाया. उस बच्चे का नाम राॅबट टाॅड .

पोस्ट मास्टर की नौकरी की

अब्राहम लिंकन एक गांव में पोस्ट मास्टर की नौकरी की. पोस्ट मास्टर के वजह से लोग उन्हें जानने लगे. पोस्ट मास्टर की नौकरी करते हुए वह लोगों के साथ काफी खुल मिल गए. सानिया परेशानी को करीब से देखें. लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए वह राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किए. दास प्रथा को खत्म करने के विचार लेकर वह राजनीति में उतरे.

अब्राहम लिंकन के राजनीतिक करियर – Political carrier

उस समय पूरे अमेरिका में दास प्रथा  चल रही थी. गोरे लोग काले लोगों के ऊपर अत्याचार कर रहे थे। गोरे लोग का दक्षिणी राज्य के खेतों में  अधिपत्य था. वह लोग अफ्रीका के काले लोगों को बुलाकर अपने खेतों में काम किया करवाते थे. काली लोगों को गुलाम बनाकर रखते थे और उनके ऊपर अत्याचार करते थे.

अमेरिका दो भाग में बैठ गया था एक था दास प्रथा को विरोध करने वाले उत्तरी राज्यों के लोग जो दास प्रथा को खत्म करना चाहते थे और दूसरी तरफ थे वहां के गोरी लोग जो दास प्रथा को समर्थन करते थे और इसे चालू रखने के लिए कहां करते थे.  अमेरिका के संविधान में नागरिक की समानता दी गई है. इसलिए अमेरिका में दास प्रथा की कोई जगह नहीं था. फिर भी यहां चला आ रहा था. यह दास प्रथा अमेरिका का सबसे बड़ा संकट था .

गुलामी प्रथा देश की एकता के लिए एक खतरा था. यह बात अब्राहम लिंकन को बहुत सता रही थी. वह गरीब थी इसलिए गरीब लोगों के ऊपर अत्याचार को सहन नहीं पाते थे. जब वह 1860 अमेरिका के राष्ट्रपति बने तब देश में चली आ रही दास प्रथा को पूरी तरह खत्म  दिया.

लोगों की परेशानी को देखते हुए अब्राहम राजनीति में आए थे और पहले वह विधायक का चुनाव लड़ा जिसमें वह हार गए थे. चुनाव लड़ते समय बहुत पोस्टमास्टर की नौकरी भी छोड़ दी थी.

चुनाव हार गए पोस्ट मास्टर की नौकरी छोड़ दी थी जिसके कारण उन्हें पैसों की बहुत दिक्कत हुई थी. वह हार नहीं माने, पैसों की कमी होने के बावजूद वह फिर से विधायक के लिए चुनाव लड़े और इस बार जीत हासिल हुई जिसकी वजह से वह युवा विधायक की गिनती में शामिल हुए.

अब्राहम सबसे युवा विधायक के रुप में जानने लगे, युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित किया. और अपनी बातों को विधानसभा में खुलकर बोलने लगे जिससे वहां भी उनका चर्चा होने लगा और उन्हें महत्व दिया जाने लगा.

अब्राहम लिंकन का राष्ट्रपति करियर

1860 में हुए राष्ट्रपति के चुनाव में अब्राहम लिंकन राष्ट्रपति  पद के लिए खड़े हुए थे. और वह राष्ट्रपति के चुनाव में जीत हासिल किए. 1860 में वो अमेरिका के 16बे राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्य शुरू किए और पूरे 4 साल (1860-1864) के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बने रहे।

अमेरिका में गृह युद्ध शुरू हो गया , 1 फरवरी 1861 में मिसिसिप्पी, फ्लोरिडा, अल्बामा, जेओर्गिया, लौइसिआन और टेक्सास अलग हो गए जिसके कारण ही  गृह युद्ध शुरू हो गया। जैसे -जैसे युद्ध बढ़ता गया, अब्राहम ने खुद से वादा किया और देश के लिए उन्मूलनवादी आन्दोलन चलाया, और वे इसमें सफल रहे.

1863 में अंत में अब्राहम लिंकन ने बंधक मुक्त की घोषणा की और राज्य में गुलामो की आजादी के डॉक्यूमेंट बन गए, किन्तु मिसौरी,  नेब्रास्का, केंसास और अर्कांसस में गुलामों को आजादी नहीं मिल पाई,

फिर भी लिंकन ने देश के सबसे बड़े खतरे को दूर किए और गुलामी प्रथा को खत्म करके देश में एकता लाए इसीलिए उन्हें दास प्रथा खत्म करने का श्रेय दिया जाता है. इसी कारण से वह अमेरिका के  लोकप्रिय राष्ट्रपति बने और फिर से 1864 के  चुनाव में खड़े हुए.

अब्राहम लिंकन मृत्यु (Abraham Lincoln Death History)

14 अप्रैल 1865 में अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी.  के एक फोर्ड सिनेमाघर के अंदर,  जाने – माने अभिनेता जॉन विल्केस बूथ ने अब्राहम लिंकन की हत्या कर दी. हत्या की खबर पूरी अमेरिका को दहला दिया था. इस तरह एक सच्चा ईमानदार और देश के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति की मृत्यु हो गई.

लोकतंत्र की परिभाषा दिए थे.

अब्राहम लिंकन ने ही लोकतंत्र की परिभाषा दी थी. उन्होंने कहा था – ‘लोकतंत्र जनता का शासन है, जनता के द्वारा, जनता के लिए चलाया जाता है’ . इसी तरह उन्होंने ही बताया था लोकतंत्र जनता के द्वारा जनता के हित में की गई शासन व्यवस्था है.

अंतिम शब्द

यह थी दोस्तों अमेरिका की 16बे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन जीवन परिचय के बारे में कुछ जानकारी, आशा करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी. यदि आप उनके बारे में और कुछ जानते हैं तो आपकी विचार देने में संकोच ना कीजिए, कमेंट सेक्शन आपके विचारों को सम्मान पूर्वक स्वागत करती है।

अब्राहम लिंकन जीवन परिचय से जुड़े FAQ

अब्राहम लिंकन कौन थे

अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16बे राष्ट्रपति थे. उन्होंने अमेरिका को गृह युद्ध से पार लगाया था. अमेरिका में चली आ रही दास प्रथा को खत्म करने का श्रेय उन्हें दिया जाता है. अब्राहम लिंकन अच्छे व्यक्ति के साथ एक अच्छे राष्ट्रपति थे.

अब्राहम लिंकन अमेरिका के कितने नंबर राष्ट्रपति थे

अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16बे नंबर राष्ट्रपति थे। वो पहले रिपब्लिकन थे जो राष्ट्रपति बने. सन 1860 से 1865 अमेरिका के राष्ट्रपति रहे.

अब्राहम लिंकन इतने फेमस क्यों है

अब्राहम लिंकन अमेरिका के 16बे राष्ट्रपति थे। उन्होंने अमेरिका के समाज में चली आ रही गुलामी प्रथा को खत्म किया था और गृह युद्ध से अमेरिका को पार लगाया था

Categories: BIOGRAPHY

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